पिता के हत्यारे ने जेल से आते ही बेटे को भी मार डाला, खून सनी मिट्टी समेटती रही मां | CRIME NEWS

24 March 2018

दमोह। शहर से 13 किमी दूर एक गांव में शुक्रवार को रास्ते के विवाद के चलते एक युवक की पीट पीटकर हत्या कर दी। वहीं दूसरा भाई इस हमले में घायल हो गया। दोनों, बैलगाड़ी से अपने घर लौट रहे थे। दोनों भाईयों पर दर्जन भर लोगों ने लाठी कुल्हाड़ी से जानलेवा हमला कर दिया। घटना के बाद सभी आरोपी परिवार के साथ फरार हैं। वहीं इस मामले में एक आरोपी को पुलिस ने अरेस्ट कर लिया है। उधर बेटे की हत्या के बाद बदहवास हुई मां जमीन पर पड़े खून की मिट्‌टी उठाती रही।

जानकारी के मुताबिक, आरोपियों ने चार साल पहले मृतक के पिता की भी इसी रास्ते के विवाद को लेकर हत्या कर दी थी। जिस पर उन्हें सागर जेल भेजा गया था। हाल में एक आरोपी को जमानत और एक को पेरोल पर छोड़ा गया था। वारदात की सूचना पर पुलिस टीम के साथ कई आला अफसर ने मौके पर पहुंचकर मामले की जांच की। इधर घटना के बाद गांव में तनाव की स्थिति है। जिसके चलते शहर में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।

क्या हुआ था घटना के दिन
जिला अस्पताल में भर्ती मृतक के भाई दुरगसिंह ने बताया कि मंगलवार की सुबह करीब 7 बजे वह अपने भाई मंगल सिंह 25 और भूपेंद्र उर्फ भूपत के साथ बैलगाड़ी से खेत पर गेहूं की कटाई करने गया था। वहां से बैलगाड़ी में गेहूं की लांक भरकर उसने मंगल और भूपत को गांव की ओर रवाना कर दिया। साथ ही उसका बेटा अजय भी पीछे-पीछे आ रहा था। गांव में जैसे ही बैलगाड़ी आरोपी सुल्तान सिंह के घर के पास पहुंची तभी अचानक सुल्तान सिंह, कृपाल सिंह ने सड़क पर आकर गाड़ी रोक ली। इसी दौरान वहां मौजूद करीबन एक दर्जन लोगों ने उसके दोनों भाईयों को पकड़कर अपने घर के बाड़ी में खींच लिया। यहां तक कि बैलगाड़ी भी अंदर कर ली। इसके बाद सभी ने लाठी और कुल्हाड़ी से दोनों पर हमला कर दिया।

मरा जानकर भागे आरोपी
इस हादसे में दोनों भाई लहूलुहान बेसुध होकर जमीन पर गिर पड़े। जिसके बाद आरोपियों ने उन्हें मरा समझकर अपने घर के सभी महिलाओं और बच्चों को लेकर फरार हो गए। घटना के बाद भूपत सिंह के चिल्लाने पर गांव के लोग इकट्ठे हुए। इस दौरान मंगल सिंह की घटना स्थल पर ही मौत हो गई, वहीं भूपत को गंभीर हालत में अस्पताल भेजा गया।

पैरोल पर छूटा था कृपाल, सुल्तान को मिली थी जमानत
सरे आम हत्या करने वाले सगे आरोपी भाई कृपाल और सुल्तान करीब चार साल पहले मृतक मंगल के पिता गनपत लोधी की हत्या के मामले में आजीवन करावास के चलते जेल में थे। उन्हें दमोह से सागर सेंट्रल जेल में रखा गया था। कुछ समय पहले ही कृपाल पैरोल पर दमोह आया था। जबकि सुल्तान को जमानत मिल गई थी। ऐसी स्थिति में दोनों भाई अपने घर में ही थे। जैसे ही मंगल बैलगाड़ी लेकर बाड़ी के सामने से निकल रहा था। दोनों ने उसे घेर लिया और परिवार के साथ मिलकर प्राणघातक हमला कर दिया। 

एक आरोपी गिरफ्तार: 
मौके पर पहुंचे एसपी विवेक अग्रवाल ने इस हादसे में परिजनों को सांत्वना देते हुए कहा कि जल्द ही आरोपी पुलिस गिरफ्त में होंगे। चूंकि उन्होंंने पेरोल से निकलकर हत्या की है, इसलिए उनके विरुद्ध धारा 303 के तहत मामला दर्ज किया जाएगा। जिसमें केवल मौत की सजा होती है। उन्होंने थाना प्रभारी हरिसिंह को सभी आरोपियों को शीघ्रता से गिरफ्तार करने के निर्देश दिए। इस दौरान टीआई ने बताया कि एक आरोपी गिरफ्तार किया जा चुका है।

तीन माह के बेटे से पिता का साया छिना: 
घटना के बाद मृतक मंगल सिंह की पत्नी प्रभा का रो-रोकर बुरा हाल था। अपने पति को मृत अवस्था में देखकर वह दो बार बेसुध हो गई। उसकी शादी एक साल पहले ही मंगल के साथ हुई थी। जिसका तीन माह का बेटा भी है।

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