मप्र में गेंहू खरीदी घोटाले की जमावट, किसानों के 68 हजार डुप्लीकेट खाते | MP NEWS

09 March 2018

भोपाल। मध्यप्रदेश में सीएम शिवराज सिंह ने 2000 रुपए प्रति क्विंटल गेंहू खरीदने का ऐलान किया है। भावांतर योजना लागू है। अक्सर आरोप लगते रहे हैं कि जिन इलाकों में फसलों की बुआई ही इतनी नहीं हुई, जितनी मंडियों में खरीदी हो गई। जब किसान के पास अनाज नहीं है तो मंडियों में अनाज कहां से आया। खरीदी के आंकड़ों पर सरकार को कृषि कर्मण अवार्ड मिल जाता है और दस्तावेज प्रमाणित करते हैं कि किसान सुखी है जबकि इसके पीछे खेल कुछ और ही है। सागर कलेक्टर ने समय रहते इस खेल का खुलासा किया है। पहली बार है जब घोटाला होने से पहले गड़बड़ी को पकड़ लिया गया है। 

मप्र में गेहूं खरीदी के पंजीयन में प्रदेश में 68 हजार से ज्यादा किसानों के डुप्लीकेट खाते खोल दिए गए हैं। प्रदेश के दस प्रतिशत डुप्लीकेट पंजीयन अकेले सागर जिले में कर दिए गए, जिसमें एक खाता नंबर पर 10 से 12 अलग-अलग किसानों के नाम दर्ज कर दिए हैं। सागर कलेक्टर आलोक कुमार सिंह ने समय रहते यह गलती पकड़ ली, नहीं तो पंजीयन के बाद व्यापारियों का माल ठिकाने लगाकर बड़ा घोटाला हो सकता था। 

पूरे प्रदेश में हुई है यह गड़बड़ी
ऑनलाइन डाटा की समीक्षा के दौरान सागर कलेक्टर ने यह गड़बड़ी पकड़ी। प्रदेश में सबसे ज्यादा होशंगाबाद जिले में 7 हजार 125 डुप्लीकेट पंजीयन मिले हैं। को-ऑपरेटिव बैंक के अंतर्गत विभिन्न् सोसायटियों में पदस्थ ऑपरेटरों द्वारा प्रदेश में सभी स्थानों पर यह गड़बड़ी की गई है। प्रथम दृष्टया यह जानबूझकर की गई गलती नजर आ रही है, क्योंकि एक-एक खाता नंबर 10-12 किसानों को दे दिया गया है। यह किसान भी असली हैं या फिर फर्जी तरीके से उनके नाम दर्ज किए गए हैं यह जांच के बाद ही तय हो सकेगा। सूत्रों की मानें तो अपने किसी परिचित के नाम से पंजीयन कराकर उनमें अलग-अलग किसानों की संख्या दर्ज की गई है ताकि किसानों के नाम से व्यापारियों का माल खपाकर जमकर चांदी काटी जा सके।

प्रदेश में 68,629 डुप्लीकेट पंजीयन
जानकारी के अनुसार पोर्टल पर दर्ज रिकॉर्ड के अनुसार प्रदेश में 68 हजार 629 डुप्लीकेट पंजीयन कर किए गए हैं, जिसमें से लगभग 10 प्रतिशत पंजीयन सागर जिले में किए हैं। सागर संभाग में 12879 डुप्लीकेट पंजीयन किए गए हैं जिसमें से सागर जिले में 6769 डुप्लीकेट पंजीयन हुए हैं। एक-एक बैंक खाते में कई नाम दर्ज होते गए, लेकिन सत्यापन होने के बाद भी यह गलती किसी ने भी नहीं पकड़ी। कलेक्टर ने इसे गंभीर अनियमितता मानते हुए जिम्मेदारों को फटकार लगाई और खरीदी शुरू होने के पहले गलती सुधारने के निर्देश दिए हैं।

खाता एक, किसानों के नाम 12
बहेरिया शाहनी के उपार्जन केंद्र सेवा सहकारी समिति मर्यादित खजुरिया गुरू में खोला गया बैंक खाता 667019028505 एक है, लेकिन इस पर अलग-अलग आईडी के किसान नर्मदा प्रसाद अहिरवार, कृष्ण सिंह ठाकुर, राम मिलन दुबे, छोटे राम यादव, प्रभुदयाल चौबे, प्रवीण कोहली, आशाराम पटैल, मन्‍नू अहिरवार, उद्ययम दांगी, काशिराम यादव, रमेश गुरू मिश्रा एवं विजय कुमार चढ़ार के नाम दर्ज हैं। ऐसी ही गड़बड़ी के संभाग में 12879 खाते हैं जिसमें कई किसानों के नाम दर्ज हैं।

एक ही मोबाइल नंबर पर 5 से अधिक किसानों के प्रपत्र दर्ज
गड़बड़ी सिर्फ इतनी ही नहीं है बल्कि पंजीयन प्रपत्रों में दर्ज मोबाईल नंबर-94256 61633 सहित अन्य नंबर ऐसे हैं जो पांच से अधिक किसानों के पंजीयन में दर्ज हैं। चुनावी वर्ष में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा समर्थन मूल्य पर इस बार गेहूं 2 हजार रुपए प्रति क्विंटल के हिसाब से खरीदे जाने की घोषणा के बाद जिले में किसानों के पंजीयन का आंकड़ा लगातार बढ़ रहा है। सागर जिले में पिछले वर्ष 39 हजार किसानों के पंजीयन हुए थे, इस वर्ष यह आंकड़ा बढ़कर 57 हजार तक पहुंच गया है। कलेक्टर आलोक कुमार सिंह ने एसडीएम, तहसीलदार, फूड और कृषि विभाग के अधिकारियों की एक टीम गठित की है, जो नए किसानों के पंजीयन की जांच करेगी।

कहां कितने डुप्लीकेट खाते
होशंगाबाद, 7125
सागर, 6769
हरदा, 6114
जबलपुर, 3878
रायसेन, 3005
छतरपुर, 2342
टीकमगढ़, 1431
दमोह, 1326
पन्ना, 1011

डुप्लीकेट पंजीयन मिलना गंभीर लापरवाही
समर्थन मूल्य में गेहूं पंजीयन में जिले में 6769 डुप्लीकेट पंजीयन हुए हैं, जिनमें एक पंजीयन में 12 से ज्यादा किसानों के नाम दर्ज हैं। कुछ मोबाइल नंबर भी संदिग्ध मिले हैं। इस संबंध में जांच कराने के निर्देश दिए हैं। 
आलोक कुमार सिंह, कलेक्टर सागर

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