गुजरात चुनाव: कांग्रेसी दिग्गज तो हार मार चुके थे, राहुल ने जिद से बदले हालात | NATIONAL NEWS

Wednesday, December 13, 2017

नई दिल्ली। गुजरात विधानसभा चुनाव का प्रचार अभियान समाप्त हो चुका है। चुनाव के नतीजे जो भी आएं परंतु इस चुनाव में यह तो मानना ही होगा कि BJP के पसीने निकल गए। जिस नरेंद्र मोदी (NARENDRA MODI) के नाम पर पूरे देश में भाजपा के प्रत्याशी जीत रहे थे, उसी नरेंद्र मोदी को गुजरात की गलियों में रिकॉर्ड तोड़ रैलियां करनी पड़ीं। अमित शाह सबकुछ भूलकर दिनरात जुटे रहे। भारत का ऐसा कोई शहर नहीं था जहां से भाजपा के नेताओं को गुजरात ना बुला लिया गया हो। यह सबकुछ हुआ, कांग्रेस के चुनावी अभियान के कारण लेकिन क्या आप जानते हैं कि गुजरात चुनाव घोषित होने से पहले ही कांग्रेस (AICC) के दिग्गज रणनीतिकार अपनी हार मान चुके थे। केवल राहुल गांधी (RAHUL GANDHI) ने जिद की और उनकी टीम ने मोर्चा संभाला जिसके कारण कांग्रेस का एक नया चेहरा भी सामने आया। 

यह खुलासा खुद राहुल गांधी ने किया है। एक टीवी इंटरव्यू में राहुल ने गुजरात चुनाव पर खुलकर बात की है, वहीं दूसरी तरफ अपनी पार्टी की चुनावी रणनीति को भी बताया है। एक न्यूज चैनल को दिए इंटरव्यू में राहुल गांधी से जब गुजरात में कांग्रेस पार्टी की रणनीति को लेकर सवाल किया गया तो उन्होंने अपने चुनाव प्रचार के बारे में बताया। राहुल ने बताया कि गुजरात जाने से पहले उन्हें कांग्रेस पार्टी के नेताओं ने कहा था कि वो गुजरात में ज्यादा प्रचार न करें। 

राहुल गांधी ने नवसृजन गुजरात यात्रा के नाम से सूबे में अपने प्रचार की शुरुआत की थी। उन्होंने प्रचार का आगाज भी इस बार एकदम अलग अंदाज में किया था, क्योंकि वो जनता के बीच जाने से पहले द्वारकाधीश मंदिर गए थे। राहुल ने बताया कि जब वो गुजरात में चुनाव प्रचार के लिए जा रहे थे, तब कांग्रेस नेताओं ने उन्हें एक सलाह दी थी। राहुल ने बताया कि कांग्रेस नेताओं की तरफ से उनसे कहा गया था कि राहुल जी आप गुजरात में ज्यादा प्रचार मत कीजिए, लेकिन मैंने कहा था कि मैं करूंगा।

राहुल ने पार्टी नेताओं के सुझाव को दरकिनार करने के पीछे गीता का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि गीताजी में लिखा है, कर्म करो, फल की इच्छा मत करो। राहुल ने बताया कि मैंने गुजरात में दिल से काम किया है। नतीजा चाहे जो भी रहे लेकिन गुजरात के लोगों ने जो प्यार दिया है उसे वो कभी नहीं भूल पाएंगे।

राहुल से जब इंटरव्यू में 2019 लोकसभा चुनाव और प्रधानमंत्री मोदी के बारे में पूछा गया तो उन्होंने जवाब दिया कि ये चुनाव मोदी या राहुल गांधी और बीजेपी या कांग्रेस के लिए नहीं है। बल्कि गुजरात की जनता और देश के भविष्य के लिए है।

बता दें कि गुजरात चुनाव की औपचारिक घोषणा के बाद राहुल गांधी ने गुजरात में 30 रैलियां की हैं, जबकि 12 मंदिरों भगवान के दर्शन को गए हैं। इससे पहले भी उन्होंने जमकर चुनाव प्रचार किया है। राहुल ने कांग्रेस पार्टी नेताओं की सलाह ठुकराकर जमकर भले ही गुजरात में जमकर चुनाव प्रचार किया हो, लेकिन अब सवाल ये है कि आखिर राहुल को गुजरात में ज्यादा प्रचार न करने की सलाह कांग्रेस नेताओं क्यों दी?

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