अब कोहली के नेतृत्व में भारत दिखाएगा ऑस्ट्रेलिया को 10 का दम

Thursday, September 28, 2017

राजू जांगिड़। इस समय विराट कोहली की कप्तानी में भारतीय क्रिकेट टीम उसी तरह का प्रदर्शन कर रही है जैसे रिकी पोंटिंग के नेतृत्व में आॅसी टीम सभी को हराते हुए आगे बढ़ रही थी। पिछले कुछ महीनों में भारतीय क्रिकेट टीम वन डे मैचों में हर जीत के साथ एक नया इतिहास लिख रही है। लगातार 9 जीत का सिलसिला अब 10 जीत के मुकाम पर पहुंच गया है जहां क्या यह रिकॉर्ड बनाकर बांग्लादेश और ज़िम्बाब्वे से बेहतर नहीं होना पसंद करेगी क्योंकि इन्हीं दो टीमों को छोड़कर बाकी सभी टीमों की जीत का यह श्रेय मिल चुका है। 

दक्षिण अफ्रीका ने यह रिकॉर्ड पांच बार बनाया है तो ऑस्ट्रेलिया ने छह बार। यह भी एक संयोग ही है कि स्टीव स्मिथ की कप्तानी वाली यह वही ऑस्ट्रेलियाई टीम है जिसके नाम 10 लगातार वन डे मैच जीतने का रिकॉर्ड है और आज वह इस दयनीय स्थिति में पहुंच गई है। अब भारत के लिए बेंगलुरु में आज होनेवाले चौथे वन डे और ओवर ऑल 926वें मैच को खेलते हुए मौका है अपना नाम इस सूची में दर्ज करवाने का। चिन्नास्वामी स्टेडियम की धीमी और करामाती पिच पर पिछला वन डे मैच भी लगभग चार साल पहले भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच ही खेला गया था जिसमें मेजबान ने 57 रन से जीत पाई थी। मौसम विभाग ने कल वर्षा की भविष्यवाणी की है।

वार्नर का वन डे शतक
वैसे 8 साल पहले पहला मैच खेलने वाले डेविड वार्नर का यह 100वां वन डे मैच होगा। यही सच है कि डेविड वार्नर सचमुच में आईपीएल के बेटे हैं। वार्नर की टी 20 सफलता का पूरा श्रेय दिल्ली डेयरडेविल के कप्तान वीरेंद्र सहवाग को जाता है। उनके टैलेंट को ऑस्ट्रेलिया ने भी भारत में शानदार प्रदर्शन के बाद ही जाना। वार्नर ने चिन्नास्वामी स्टेडियम में अभी तक एक भी वन डे मैच नहीं खेल है। वे यहां सिर्फ एक टेस्ट खेले हैं जहां उनका स्कोर 33 और 17 रहा था और दोनों बार उन्हें आर. अश्विन ने ही आउट किया था। ऑस्ट्रेलिया के वे 132 सालों में पहले ऐसे क्रिकेटर बने जिसने प्रथम श्रेणी का एक भी मैच खेले बिना ही आईपीएल के प्रदर्शन के आधार पर देश की टी 20 टीम में जगह पा ली। वार्नर टी 20 के सहारे वन डे और टेस्ट खेलने वाले दुनिया के पहले क्रिकेटर हैं और उन्होंने तीनों रुप में सफलता भी पाई।

ऑस्ट्रेलिया से इस प्रदर्शन की उम्मीद नहीं थी
मगर ओपनर वार्नर का खामोश बल्ला मेहमान के लिए चिंता का विषय बना हुआ है। इस समय ऑस्ट्रेलिया के सामने सबसे बड़ा संकट अपने वजूद और साख को बरकरार रखने को लेकर है। कप्तान स्टीव स्मिथ अपने फार्म, नेतृत्व और मैदान में लिए गए फैसले के कारण लगातार आलोचना का सामना कर रागे हैं। हां, आरोन फिंच की सफल वापसी एक सुखद हैं। वैसे उसकी हर का सिलसिला थमने का नाम ही नहीं ले रहा। एस्टन एगर के घायल होकर स्वदेश लौटने का साफ मतलब है कि जेम्पा पुनः टीम में लौटेंगे। इसी तरह पैट कमिंस को भी आराम दिए जाने की संभावना को देखते हुए जेम्स फॉकनर टीम में जगह पा सकते हैं।

भारत का प्रयोग किस हद तक
जुलाई में एंटिगा में वेस्ट इंडीज के खिलाफ हारने के बाद भारत एक भी वन डे मैच नहीं हारा है जबकि ऑस्ट्रेलिया जनवरी के बाद एक भी वन डे मैच नहीं जीत सका है। ऑस्ट्रेलिया अगर यह शृंखला 0-5 से हार जाता है तो वह वन डे रैंकिंग में चौथे स्थान पर उतर जाएगा। जहां तक व्यक्तिगत प्रदर्शन की बात है कोहली अपने गत वर्ष के प्रदर्शन को बिल्कुल वैसे ही दोहरा रहे हैं। यह एक संयोग है कि पिछले साल उन्होंने वन डे मैचों में 739 गेंदों पर 739 रन बनाए थे तो इस साल अब तक 1137 गेंदों में 1137 रन का आंकड़ा पा चुके हैं। कोहली के लिए बेंगलुरु का मैदान अब तक कोई विशेष यादगार नहीं रहा है। यहां खेले चार मैचों में उन्होंने 10.50 के औसत से 0, 8, 34 और 0 रनों की पारी खेली है। कोहली के संकेत के मुताबिक तो इस शृंखला के दोनों बचे मैचों में कुछ परीक्षण किए होंगे, उसे देखते हुए लगता है कि उमेश यादव और मोहम्मद शमी में से किसी एक को आज उतारा जाएगा।

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