कोच की खोज खत्म, कोहली की पॉवर का असर, शास्त्री के नाम पर मुहर

Updesh Awasthee
मुंबई। अंतत: वही हुआ जिसका अनुमान शुरू से लगाया जा रहा था। बीसीसीआई की क्रिकेट अडवाइजरी कमिटी (सीएसी) ने टीम इंडिया के मुख्य कोच के रूप में रवि शास्त्री (रविशंकर जयाद्रिथा शास्त्री) के नाम पर मुहर लगा दी। शास्त्री टीम इंडिया के कप्तान विराट कोहली की पहली पसंद हैं। कोहली से विवाद के कारण ही चैंपियंस ट्रोफी के बाद अनिल कुंबले ने अचानक इस पद इस्तीफा दे दिया था, जिसके बाद से मुख्य कोच का यह पद रिक्त था।शास्त्री इससे पहले भी 2014 से 2016 तक भारतीय टीम के डायरेक्टर रहे हैं।

हालांकि सोमवार को हेड कोच के लिए इंटरव्यू लेने वाली क्रिकेट अडवाइजरी कमिटी (सीएसी) ने शाम को प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह कहकर सभी को चौंका दिया कि सीएसी कैप्टन विराट कोहली से बात करने के बाद कोच की नियुक्ति पर अंतिम फैसला लेगी। गांगुली ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह भी बताया कि अभी विराट देश से बाहर हैं, तो इस निर्णय में थोड़ा समय लगेगा। तब लग रहा था कि शायद शास्त्री टीम इंडिया के कोच नहीं बन पाएंगे लेकिन इसके बाद सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित प्रशासनिक समिति (CoA) ने बोर्ड को निर्देश दिया कि वह मंगलवार शाम तक कोच के नाम की घोषणा कर दे। इसके बाद आज बीसीसीआई ने रवि शास्त्री को कोच नियुक्त करने का ऐलान कर दिया।

टीम इंडिया के मुख्य कोच के लिए बीसीसीआई को कुल 10 आवेदन प्राप्त हुए थे, जिनमें से सीएसी ने 6 नामों को शॉर्ट लिस्ट किया और साउथ अफ्रीका के पूर्व हरफनमौला खिलाड़ी लांस क्लूजनर को रिजर्व रखा था। सोमवार को कोच के लिए सीएसी के सामने सबसे पहले वीरेंदर सहवाग इंटरव्यू और प्रेजेंटेशन देने के लिए पेश हुए थे। वीरू ने करीब 2 घंटे तक इंटरव्यू दिया। अन्य चार उम्मीदवारों ने विडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए इंटरव्यू दिया था। 3 सदस्यीय सीएसी के दो सदस्य सौरभ गांगुली और वीवीएस लक्ष्मण इस इंटरव्यू प्रक्रिया में प्रत्यक्ष रूप से मौजूद थे, जबकि तीसरे सदस्य सचिन तेंडुलकर लंदन से विडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए ही इस प्रक्रिया में शामिल हुए।

टीम इंडिया के नव नियुक्त कोच के बारे में बता दें कि 55 वर्षीय शास्त्री अनिल कुंबले के कोच बनने से पहले टीम इंडिया के डायरेक्टर थे। उन्होंने करीब 2 साल तक यह पद संभाला था, जिसमें टीम इंडिया का प्रदर्शन मिला-जुला रहा था। शास्त्री के कार्यकाल में टीम इंडिया 2015 और T20 विश्व कप के सेमीफाइनल तक पहुंची थी। इसके अलावा टेस्ट रैंकिंग में उसने नंबर 1 का स्थान हासिल किया था। इसके बावजूद जून 2016 में क्रिकेट अडवाइजरी कमिटी (सीएसी) ने अनिल कुंबले को कोच नियुक्त कर दिया था। 

कोच के रूप में रवि शास्त्री टीम इंडिया के कप्तान विराट कोहली की हमेशा ही पहली पसंद रहे हैं। पिछले साल भी विराट रवि को ही कोच बनाने के पक्ष में थे, लेकिन तब सीएसी के सदस्य सौरव गांगुली और वीवीएस लक्ष्मण ने अपनी टीम के पूर्व साथी अनिल कुंबले को तरजीह दी। सीएसी के अन्य सदस्य सचिन तेंडुलकर तब भी रवि शास्त्री के पक्ष में थे, लेकिन 2-1 के मत से सीएसी ने अनिल कुंबले को कोच चुना था।

टीम इंडिया के कोच के रूप में अनिल कुंबले का कार्यकाल बेहद शानदार रहा। टीम को हर मोर्चे पर जीत मिली और उसने घरेलू टेस्ट सत्र में टीम इंडिया के 18 टेस्ट तक अजेय रहने का नया भारतीय रेकॉर्ड अपने नाम किया। टीम ने टेस्ट के अलावा सभी वनडे और टी20 सीरीज भी अपने नाम की थीं। अनिल कुंबले की कोचिंग में टीम इंडिया चैंपियंस ट्रोफी की उपविजेता टीम बनी। चैंपियंस ट्रोफी की शुरुआत से पहले ही कोच और कैप्टन में तकरार की बातें सामने आईं, जिसके बाद अनिल कुंबले ने बतौर कोच अपना कार्यकाल खत्म होते ही टीम से इस्तीफा देना बेहतर समझा।
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