नई दिल्ली। केंद्रीय कैबिनेट ने देश की पहली दवा कंपनी बंगाल केमिकल्स एंड फार्मास्यूटिकल्स (बीसीपीएल) की रणनीतिक बिक्री को मंजूरी दे दी। इस दवा कंपनी की स्थापना मशहूर वैज्ञानिक व उद्यमी आचार्य प्रफुल्ल चंद्र रे ने वर्ष 1901 में की थी। कंपनी का 1981 में राष्ट्रीयकरण कर दिया गया था।
बीपीसीएल के साथ ही हिंदुस्तान एंटीबायोटिक्स को भी इसी तरीके से बेचने के लिए हरी झंडी दी गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में कैबिनेट ने बुधवार को कई फैसले लिए। बैठक में इंडियन ड्रग्स एंड फार्मास्यूटिकल लिमिटेड (आइडीपीएल) और राजस्थान ड्रग्स एंड फार्मास्यूटिकल लिमिटेड (आरडीपीएल) को बंद करने की भी इजाजत दे दी गई।
यह बिक्री या बंदी चारों दवा कंपनियों की अतिरिक्त जमीन बेचने के बाद की जाएगी। लंबे समय बाद इस साल केंद्र सरकार ने सार्वजनिक क्षेत्र की किसी कंपनी की रणनीतिक बिक्री का निर्णय लिया है। इससे पहले सितंबर में कैबिनेट ने भारत पंप्स एंड कंप्रेसर लिमिटेड को रणनीतिक रूप से बेचने के प्रस्ताव को मंजूरी दी थी।
करीब 12 साल पहले यानी वर्ष 2003-04 में अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व वाली राजग सरकार ने जेसप एंड कंपनी की रणनीतिक बिक्री की थी। इसके बाद से यह पहला निजीकरण होगा।
