भोपाल। प्रदेश कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता के.के. मिश्रा ने बीती रात मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के गृह नगर बुदनी में पुलिस उप-निरीक्षक सुनील वर्मा और एक अन्य सहायक उप-निरीक्षक रामदत्त की रेत का परिवहन कर रहे डम्पर द्वारा टक्कर से हुई मौतों को उनकी हत्या बताते हुए कहा है कि प्रदेश के मुखिया यह स्पष्ट करें कि आखिरकार उनकें गृह नगर, समूची नर्मदा नदी से अवैध रेत का उत्खनन किसके संरक्षण में हो रहा है।
इसका संचालन कर रहे ख्यात चेहरे एस.एस. चौहान, तुलाराम चैहान, ए.पी.एस. चैहान (पटेल) कौन है और उनका मुख्यमंत्री से क्या रिश्ता है ? मिश्रा नें यह भी जानना चाहा है कि नर्मदा नदी से उत्खनन कर रहे इन्दौर के डी.आई.पी.एल. के स्वामित्व वाले भाटिया समूह में 50 प्रतिशत की भागीदारी किसकी है ?
मिश्रा नें उक्त निरीक्षकों की हुई हत्या को लेकर मुख्यमंत्री की चापलूसी करने वाले सीहोर जिले में पदस्थ उन पुलिस अधिकारियों की भी भर्तस्ना की है जिन्होने अपने दिवंगत मातहतों, उनकी विधवाओं और अनाथ हो चुके बच्चों के प्रति भी मात्र अपने पदों पर बने रहने और की जा रही अवैध वसूलियों के लिए संवेदनायें बेच दी है।
मिश्रा ने दिवंगत पुलिस उप-निरीक्षकों के परिजनों को 20-20 लाख रुपये और अनुकंपा नियुक्तियां दिये जाने की भी मांग की है।
