भोपाल। कहते हैं सिंहस्थ में स्नान करने से पाप धुल जाते हैं परंतु यदि आप भोपाल रेलवे स्टेशन से अपनी सिंहस्थ यात्रा करने वाले हैं तो आपके पापों की सजा यहीं मिल जाएगी। जब आप स्नानघाट पर पहुंचेगे तब तक आप निर्मल हो चुके होंगे। ये सजा आपके/हमारे भगवान नहीं, रेलवे के प्रभु दे रहे हैं। - भोपाल रेलवे स्टेशन पर सिंहस्थ यात्रियों के लिए
- प्लेटफॉर्म नंबर-6 पर कुर्सियां धूप में लगा दी गई हैं।
- वॉश बेसिन में इतना कचरा भरा हुआ है कि वेस्टेज वॉटर तक नहीं निकल रहा है।
- बुकिंग आॅफिस के पास लगे टेंट में पंखों की व्यवस्था नहीं है।
- प्लेटफॉर्म नंबर-5 व 6 पर पर्याप्त संख्या में कुर्सियां नहीं हैं।
- एनाउंसमेंट सिस्टम की आवाज सुनाई नहीं देती।
- प्लेटफॉर्म नंबर-1 की ओर पार्किंग में चार पहिया वाहन अब भी खड़े हैं।
- वॉटरकूलर तो लगे हैं लेकिन पानी नहीं है।
