सोशल मीडिया पर आश्लील कमेंट रेप माना जाएगा

Updesh Awasthee
भोपाल। वाट्सएप, फेसबुक, इंस्टाग्राम सहित दूसरे सोशल मीडिया चैटिंग एप और वेबसाइट पर महिलाओं से संबंधित अश्लील कमेंट की जांच अब महिला अपराध शाखा (महिला सेल) करेगी। इसके लिए शनिवार को महिला सेल की प्रभारी एडीजी अरुणा मोहन राव ने एक कमेटी गठित की है, जो सभी सोशल साइट्स पर नजर रखेगी। इस कमेटी को महिलाएं, युवतियां सीधे 1090 पर फोन करके अपनी शिकायत दर्ज करा सकेंगे। एडीजी राव ने यह व्यवस्था हाईकोर्ट के एक फैसले के बाद दी है। फैसले में कहा गया है कि लड़कियों को आपत्तिजनक तस्वीरें या अश्लील एसएमएस भेजना शील भंग माना जाएगा। 

महिला सेल की एडीजी अरुणा राव ने बताया कि भोपाल सहित राज्य के सभी एसपी को अश्लील मैसेज, एमएमएस के माध्यम से अश्लील टिप्पणियां करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही मामले की जानकारी महिला सेल को भेजने कहा है। अभी आरोपियों को समझाइश देकर छोड़ दिया जाता था लेकिन, अब समझाइश देकर एक भी आरोपी को नहीं छोड़ा जाएगा। उन्होंने बताया कि महिला हेल्प लाइन 1090 में सबसे ज्यादा शिकायतें मोबाइल पर अश्लील मैसेज, एमएमएस की आती हैं।

साइबर सेल की लेंगे मदद 
एडीजी महिला सेल ने आदेश दिए है कि हेल्प लाइन के अलावा यदि युवतियां सीधे थाने में शिकायत करती हैं तो थाना प्रभारी साइबर सेल की मदद लेकर पीड़िता को राहत पहुंचाए। उनका कहना है कि यदि पीड़िता को राहत पहुंचाने में लापरवाही बरती गई तो संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। सबसे कम समय में घटना स्थल पर पहुंचकर कार्रवाई करने वाले थाने को पुरस्कृत किया जाएगा और गंभीरता न बरतने वाले थाने के कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। 

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