लखीमपुर-खीरी। रेप पीड़िताओं को इंसाफ दिलाने की खातिर संसद से सड़क तक बहस चल रही है और खीरी जिले में इन पीड़िताओं के साथ शर्मनाक बर्ताव हो रहा है। खीरी के महिला अस्पताल में रविवार रात लाई गई रेप पीड़िता मूक बधिर लड़की को डॉक्टरों ने हाथ तक नहीं लगाया। गांव वाले लड़की को वार्ड तक ले जा रहे थे। इस बीच पुलिस पहुंच गई। पुलिसवाले ने लड़की को पैरों से पकड़ा और ‘लाश’ की तरह घसीटकर वार्ड में डाल आई।
यह सब वहां हुआ, जहां जिले के आला अफसर बैठते हैं। यह शर्मनाक वाक्या वहां पेश आया, जहां ‘धरती के भगवानों’ का ठिकाना है। इस मूक बधिर लड़की के साथ रविवार को रेप हुआ। उसे इतनी ब्लीडिंग शुरू हुई कि लखीमपुर के अस्पताल लाना पड़ा। हॉस्पिटल लाने के लिए एम्बुलेंस तक नहीं मिली। गांव प्रधान अपनी गाड़ी से लड़की को लाये। लड़की को जबरदस्त ब्लीडिंग हो रही थी। पीड़िता के साथ आये लोगों ने स्ट्रेचर की गुहार लगाई। कोई डॉक्टर या स्टाफ सामने नहीं आया। इसके बाद लोग किसी तरह पीड़िता को इमरजेंसी वार्ड ले जा रहे थे।
इस बीच एक पुलिस वाला आया और 'जल्दी' के चक्कर में लड़की के पैर पकड़कर उठा लिया और लगभग घसीटता हुआ वार्ड में ले गया, जैसे कोई लाश ले जाई जाती है। इस आपाधापी में लड़की के कपड़े तक अधखुले हो गए, लेकिन न डॉक्टरों को रहम आया और न पुलिस को।
