
समिति के अध्यक्ष लक्ष्मीनारायण शर्मा ने बताया कि सामान्य प्रशासन विभाग में वर्ष 2013 में संविदा कर्मचारियों की सेवा शर्ताे का निर्धारण करने के लिये सभी विभागों के प्रमुख सचिव एवं आयुक्तों को प्रस्ताव मांगे थे तथा बैठक आयोजित की गई थी परन्तु कोई बैठक नही हुई और यह केवल चुनावी लालीपाप सावित हुआ ।
स्वास्थ्य कर्मचारी समिति के संयोजक लक्ष्मीनारायण शर्मा ने बताया कि सेवा शर्तो का निर्धारण न होने के कारण संविदा कर्मचारियों को शोषण किया जाता है तथा कई कर्मचारियों को अकारण सेवा से पृथक कर दिया जाता है । कुछ विभागों ने संविदा मेनुअल के नाम पर तुगलकी फरमान जारी किये है जिनमे संविदा कर्मियों के संवैधानिक अधिकारों का हनन किया जा रहा है।
लक्ष्मीनारायण शर्मा ने मुख्य सचिव कार्यालय में ज्ञापन सौंप कर संविदा कर्मचारियों की सेवा शर्तो का निर्धारण करने के लिये सेवानिवृत्त न्यायाधीन अथवा सेवा निवृत्त मुख्य सचिव की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय समिति बनाये जाने की मांग की है । उन्होने कहा कि संविदा कर्मियों की सेवायें स्थायी संविदा हो,उनकी सेवा निवृत्ति आयु 60 साल की जायें,नियमित कर्मचारियों के समान भत्ते, सुविधाये एवं अवकाष दिया जायें तथा प्रत्येक वष संविदा कर्मियों के मानदेय में सम्माजनक वृद्धि की जायें।