इंदौर/रीवा। परिवहन विभाग के प्रधान आरक्षक अरुणसिंह बघेल के रीवा की बैंक स्थित लॉकरों ने गहनों सहित सोने की मोहरें उगली हैं। वहीं लोकायुक्त पुलिस को नकदी सहित एफडीआर भी मिली है। इन सबकी कीमत 20 लाख से अधिक बताई जा रही है।
सोमवार को इंदौर लोकायुक्त पुलिस ने जबलपुर आरटीओ में पदस्थ प्रधान आरक्षक अरुण के इंदौर और रीवा के ठिकानों पर छापे मारे थे। इसमें करोड़ों की संपत्ति का खुलासा हुआ था। रीवा के बैंक लॉकर की भी जानकारी मिली थी, जिसे मंगलवार को खोला गया। सुबह लोकायुक्त डीएसपी दिनेशचंद्र पटेल के नेतृत्व में टीम एसबीआई की शाखा कलेक्टोरेट पहुंची। जहां अरुण के भाई विनय का लॉकर खोला गया। लॉकर में पुलिस को कुल 300 ग्राम सोना, एक चांदी की पायल मिली। टीम ओरियंटल बैंक कॉलेज चौराहा पहुंची जहां अरुण के लॉकर को खुलवाया गया। वहां 100 ग्राम सोना, 2 लाख 93 हजार कैश, 6 लाख 91 हजार की एफडीआर मिला है। अरुण के पूरे परिवार के कुल 17 पासबुक भी पुलिस के हाथ लगी हैं जिनकी डिटेल बैंकों से मांगी गई है। अधिकारियों ने बताया कि कैश और एफडी की कीमत करीब 20 लाख से अधिक है। लोकायुक्त इंदौर डीएसपी दिनेशचंद्र पटेल के मुताबिक मंगलवार को तकरीबन 20 लाख की सम्पत्ति उजागर हुई है जिसमें सोने के गहने, मोहरें, एक जोड़ी पायल, कैश व एफडीआर शामिल हैं।
