नई दिल्ली। अब यूएएन नंबर के बिना पीएफ क्लेम का भुगतान नहीं मिल पाएगा। इस संबंध में ईपीएफओ मुख्यालय ने निर्देश जारी कर दिए हैं। नई व्यवस्था 1 जनवरी से लागू होगी। पीएफ कार्यालय से अब तक पीएफ नंबर के आधार पर क्लेम फॉर्म का निपटान किया जाता था।
ईपीएफओ मुख्यालय से जारी नए निर्देश के अनुसार पीएफ कार्यालय 1 जनवरी से केवल उन्हीं दावों को स्वीकार करेगा, जिनमें यूएएन नंबर होगा। इसके साथ कर्मचारी के बैंक खाता, आधार व केवायसी अपडेट होना चाहिए। केवायसी नियोक्ताओं के डिजीटल साइन से अप्रूव भी होने चाहिए।
इस संबंध में प्रदेश के पीएफ कमिश्नर अजय मेहरा ने बताया कि दावों के अलावा कर्मचारियों को विभाग से शिकायत पत्राचार के लिए भी यूएएन नंबर की अनिवार्यता रखी गई है। इससे कर्मचारियों के दावा निपटान में तेजी आएगी।
उन्होंने बताया कि पुराने खाता धारक ईपीएफओ की वेबसाइट से यूएएन नंबर प्राप्त कर सकते हैं। इसके साथ नियोक्ताओं के लिए डिजिटल सिग्नेचर रजिस्ट्रेशन अनिवार्य कर दिया गया है। सभी संस्थान जहां कर्मचारियों की संख्या कितनी भी क्यों न हो, सभी को डिजिटल साइन पंजीकृत करना होगा। ऐसा नहीं करने पर नियोक्ताओं के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
