JU: फिर बढ़ी प्रैक्टिकल परीक्षा की डेट

Updesh Awasthee
ग्वालियर। जीवाजी यूनिवर्सिटी प्रशासन की कोशिशें भी शिक्षा सत्र को पटरी पर नहीं ला पा रही हैं। किसी मामले में जेयू अधिकारियों की लापरवाही तो कुछ मामलों में कॉलेज संचालकों की मनमानी भारी पड़ रही है। ताजा मामला हाल ही में संपन्न हुई यूजी, प्रथम सेमेस्टर की प्रैक्टिकल और वायवा परीक्षा का है। 10 दिसंबर को समाप्त हुई मुख्य परीक्षा से पहले यह दोनों परीक्षाएं होनी थीं, लेकिन ऐसा नहीं हो सका। इसके लिए जेयू ने 28 दिसंबर तक का समय दिया था, जिसे बढ़ाकर अब 11 जनवरी कर दिया है। जेयू का यह निर्णय यूजी, पीजी प्रथम सेमेस्टर के 65 हजार छात्रों को प्रभावित करेगा। रिजल्ट देरी से आएगा, जिससे उनकी सेकण्ड सेमेस्टर की परीक्षाएं भी देरी से हो सकेंगी।

इसलिए बनी यह स्थिति
जेयू से संबद्ध अंचल में सरकारी व निजी कॉलेजों की संख्या 400 है। इनमें यूजी, पीजी प्रथम सेमेस्टर में 65 हजार छात्रों ने प्रवेश लिया है। काफी विवादों के बीच इनकी मुख्य परीक्षाएं 10 दिसंबर को समाप्त हुई हैं। जेयू ने मुख्य परीक्षा तो करा ली, लेकिन प्रैक्टिकल और वायवा परीक्षा के लिए बाह्य परीक्षक (एक्सटर्नल एग्जामिनर) तय नहीं किए। जबकि मुख्य परीक्षा से पूर्व ऐसा किया जाना जरूरी होता है।

आगे क्या
मुख्य परीक्षा समाप्त होने के बाद जेयू ने एग्जामिनर तो तय कर लिए, लेकिन कुछ कॉलेजों को उनके नाम नहीं बताए। कुछ एग्जामिनरों ने अन्य कार्यों में व्यस्त होने की बात कहकर जाने से इनकार कर दिया। ऐसी स्थिति में ज्यादातर कॉलेज संचालकों को मौका मिल गया और परीक्षा नहीं कराईं। इसी कारण जेयू को अब फिर एग्जामिनर नियुक्त करना पड़े हैं।

जेयू को नहीं पता कितने कॉलेजों ने भेजीं कॉपियां
यूजी, पीजी प्रथम सेमेस्टर की परीक्षाएं 10 दिसंबर को समाप्त हो चुकी हैं। लेकिन कितने कॉलेजों ने उत्तरपुस्तिकाओं के बंडल नहीं भेजे हैं, जेयू को यह जानकारी नहीं है। जेयू ने बुधवार को कॉलेजों को नोटिस जारी कर कहा है कि यदि उन्होंने कॉपियां नहीं भेजी हैं तो जेयू को इससे अवगत कराया जाए, जिससे कॉपियां मंगाई जा सकें।

50 में से दे दिए 48 अंक
प्रैक्टिकल परीक्षा में निजी कॉलेज संचालक बड़े स्तर पर फर्जीवाड़ा कर रहे हैं। इसके उदाहरण सामने आने लगे हैं। कुछ कॉलेजों ने जेयू को प्रैक्टिकल व वायवा के अंक भेज दिए हैं। जेयू अधिकारियों ने जब उन्हें देखा तो हैरान रह गए। सुरपुरा भिण्ड के एक निजी कॉलेज के एमएससी के छात्रों को प्रैक्टिकल में 50 में से किसी को 48 तो किसी को 47 अंक दिए हैं। 46 से नीचे किसी भी छात्र के अंक नही हैं। ऐसा ही एक मामला मुरैना का पकड़ में आया है। जेयू अधिकारी अब उनकी जांच में जुटे हैं।

लॉ छात्रों को नामांकन के लिए केवल 24 घंटे
जेयू और उससे संबद्ध लॉ कॉलेजों में एलएलबी(त्रि-वर्षीय) प्रथम सेमेस्टर में प्रवेश लेने वाले छात्रों को नामांकन के लिए केवल 24 घंटे का समय दिया है। नामांकन के लिए छात्रों को 31 दिसंबर तक एमपी ऑनलाइन से रजिस्ट्रेशन कराना होगा। छात्रों को लेट फीस का भी कोई मौका नहीं दिया है।

4 तक बीडीएस व 8 तक एमफार्मा के फॉर्म
बीडीएस प्रथम सेमेस्टर (एक्स स्टूडेंट) तथा द्वितीय, तृतीय व चतुर्थ सेमेस्टर (एक्स और रेग्युुलर) छात्र 4 जनवरी तक परीक्षा फॉर्म जमा कर सकते हैं। यह परीक्षाएं 20 जनवरी से शुरू होंगी। जेयू ने विस्तृत कार्यक्रम जारी कर दिया है। इसी तरह एमफॉर्मा प्रथम सेमेस्टर में प्रवेश लेने वाले छात्रों को परीक्षा फॉर्म भरने के लिए 8 जनवरी तक का समय दिया है।

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