इंदौर। आयकर विभाग दिल्ली की टीम ने दाल ब्रोकर्स और कमोडिटी एक्सचेंज चलाने वालों पर छापामार कार्रवाई कर एक बड़ा खुलासा किया है. बताया जा रहा है कि मार्केट में दाल के भाव 200 रुपए किलो के पार कृत्रिम कमी पैदा कर पहुंचाए गए हैं.
दरअसल, टीम को इस बात की जानकारी मिली थी कि बाजार में तुअर दाल की बढ़ती कीमतों के पीछे सिर्फ अवैध भंडारण ही नहीं बल्कि दाल के बड़े ब्रोकर्स और सटोरियों का भी बड़ा हाथ है. उन्हें ये भी सूचना मिली थी कि नए साल में तुअर के अलावा चना और मूंग दाल के भी भाव बढ़ाने की तैयारी की जा रही है.
इसे रोकने के लिए पीएमओ का ग्रीन सिग्नल मिलते ही इन ब्रोकर्स पर कार्रवाई करते हुए छापेमारी की बड़ी कार्रवाई की गई. जिसके अंतर्गत टीम ने इंदौर, मुंबई और दिल्ली में दाल ब्रोकर्स और कमोडिटी एक्सचेंज चलाने वालों पर एक साथ छापे मारे.
दिल्ली से आई आयकर अफसरों की टीम ने इंदौर में सीए अशोक जैन के अरिहंत कमोडिटी और दाल ब्रोकर मनोज अग्रवाल के दफ्तर और घर पर छापा मारा. टीम ने इनके दफ्तर और घरों से ऑनलाइन ट्रांजेक्शन का रिकॉर्ड और अन्य दस्तावेज जब्त किए हैं.
बाजार में पैदा किया कमी का माहौल
बताया जा रहा है कि, इन ब्रोकर्स हाउसेस और बड़े दाल व्यापारियों ने जानबूझकर बाजार में दाल की कमी का माहौल बनाया. जिससे तुअर दाल के दाम लगातार बढ़ते गए. यहां तक कि ये व्यापारी बाहर से दाल को सस्ते दामों में खरीदकर उन्हें यहां मंहगे दामों पर बेचने के लिए दाल लेकर आ रहे जहाजों को भी सागर में ही घुमाते रहते थे. इस बीच वो बाजार में कृत्रिम कमी पैदा करते थे और दाल के दाम बढ़ते ही इसे बाजार में बेचना शुरू कर दिया जाता था.
