भोपाल। पूर्व कृषि संचालक डॉ.डीएन शर्मा की मुसीबत और बढ़ गई है। कृषि विभाग ने कीटनाशक प्रयोगशाला के लिए उपकरण खरीदी में धांधली के आरोपों पर नोटिस थमा दिया है। इसके पहले उन्हें चार अन्य मामलों में नोटिस दिए जा चुके हैं। वहीं, विभाग ने पुराने मामलों में विभागीय जांच शुरू कर दी है। बताया जा रहा है कि लोकायुक्त में दर्ज प्राथमिक जांच भी लगभग पूरी हो गई है और प्रकरण दर्ज करने की तैयारी है। डॉ.शर्मा फिलहाल राज्य कृषि विस्तार एवं प्रशिक्षण संस्थान, रातीबड़ (भोपाल) में डायरेक्टर हैं।
डॉ.शर्मा ने कृषि संचालक रहते हुए जबलपुर की कीटनाशक प्रयोगशाला के लिए डेढ़ करोड़ रुपए के उपकरण खरीदे थे। ये उपकरण एमपी एग्रो से खरीदे गए, जबकि इसके लिए लघु उद्योग निगम अधिकृत था। जो उपकरण लिए गए वे निगम में उपलब्ध थे। इसके बावजूद क्रय नियमों का उल्लंघन करते हुए एमपी एग्रो से खरीदी की गई। इसके आधार पर डॉ.शर्मा को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब तलब किया गया है।
वहीं, कोदो कुटकी प्रसंस्करण केंद्रों के लिए ढाई करोड़ के उपकरण खरीदने, संकर मक्का बीज की नियम विरुद्ध खरीदी और खाद कंपनियों को अधिकार नहीं होने के बावजूद करोड़ों रुपए की सबसिडी जारी करने के मामले में विभागीय जांच शुरू की गई है। इन सभी मामलों में डॉ.शर्मा ने नोटिस के जो जवाब दिए, उनसे विभाग संतुष्ट नहीं था।
इसी तरह कम्प्यूटर ऑपरेटर की भर्ती का काम अपात्र संस्था को देने के प्रकरण में डॉ.शर्मा ने आरोप पत्र का जवाब ही नहीं दिया है। एक दर्जन अन्य शिकायतों की जांच विभाग करवा रहा है। सूत्रों का कहना है कि विशेष पुलिस स्थापना, लोकायुक्त में दर्ज दो प्राथमिक जांच भी पूरी हो चुकी हैं। दोनों प्रकरण में जल्द ही एफआईआर हो सकती है। वहीं, आय से अधिक संपत्ति के मामले में दस्तावेजों की तस्दीक का काम लगभग पूरा हो गया है। डॉ.शर्मा से जुड़ी कंपनियों को लेकर पड़ताल की जा रही है।
