सतना। किसी कलेक्टर के लिए इससे ज्यादा शर्मनाक क्षण कोई नहीं हो सकता। एक टोल प्लाजा पर छापामारी कर रहे कलेक्टर ने मैनेजर को गिरफ्तार करने के लिए खुद फोन लगाकर पुलिस बुलाई, लेकिन कोई नहीं आया। कलेक्टर अपनी कार में मैनेजर को पकड़कर थाने ले गए, लेकिन पुलिस ने उसे छोड़ दिया। गिरफ्तारी नही की।
मामला रामनगर का है। सतना कलेक्टर संतोष मिश्रा को टोल प्लाजा पर अवैध वसूली होने की कई शिकायत मिली थी। अधिकारियों या पुलिस के जरिए कोई कार्रवाई नहीं करने पर रविवार को उन्होंने खुद रजोला टोल प्लाजा पर दबिश दी। इस दौरान उन्होंने पाया की टोल प्लाजा कर्मचारी दर्शन करने आए तीर्थ यात्रियों से मनमानी वसूली कर रहे हैं। बस में तय से अतिरिक्त यात्री होने पर जहां मात्र दो रुपए प्रति व्यक्ति वसूले जाने थे। वहीं टोल प्लाजा के कर्मचारी पूरे चार सौ रुपए अधिक वसूल रहे थे।
ये सब होता देख कलेक्टर को गुस्सा आ गया और उन्होंने टोल प्लाजा के ठेकेदार को जमकर लताड़ लगाई। इसके बाद उन्होंने ठेकेदार को पकड़ने के लिए पुलिस को बुलाया। हैरानी की बात ये है कि खुद कलेक्टर के फोन पर भी पुलिस मौके पर नहीं पहुंची जिससे कलेक्टर खुद ठेकेदार को अपनी गाड़ी में बैठाकर थाने ले गए। जहां उन्होंने उसे पुलिस को सौंप दिया लेकिन कलेक्टर के जाते ही पुलिस ने मामले को रफा-दफा कर ठेकेदार को आजाद कर दिया।

