भोपाल। राजश्री गुटखा बनाने वाली कंपनी की 600 करोड़ रुपए टैक्स चोरी में मदद करने चीफ कमिश्नर के खिलाफ अब मामला हाईकोर्ट में चला गया है। व्हिसल ब्लोअर एवं डिप्टी कमिश्नर एसके बंसल ने इस मामले में सीबीआई जांच की मांग की है। उन्होंने कंपनी एवं चीफ कमिश्नर की मिलीभगत भी उजागर की है।
उन्होंने कहा कि इस मामले में आवाज उठाने पर उनके साथ बदले की कार्रवाई की गई। अपने ही विभाग के खिलाफ व्हिसिल ब्लोअर बने भिलाई (छत्तीसगढ़) में पदस्थ डिप्टी कमिश्नर बंसल ने हाईकोर्ट को बताया कि उन्होंने मार्च 2012 में भोपाल में पदस्थ रहते हुए मेसर्स कायपान गुटखा कंपनी द्वारा लगाई गई हाई स्पीड मशीनों पर आपत्ति लगाई थी। इन मशीनों की स्पीड 12 गुना अधिक थी, जिससे करोड़ों रुपए के टैक्स चोरी होने की आशंका थी। उन्होंने तत्कालीन चीफ कमिश्नर से इसकी जांच चार्टर्ड इंजीनियर के जरिए कराने का आग्रह किया लेकिन ऐसा नहीं हुआ, जिससे सरकार को अरबों रुपए के टैक्स का नुकसान हुआ।
उन्होंने सवाल उठाया है कि चीफ कमिश्नर कायपान कंपनी के लगातार संपर्क में थे और उसे लाभ देने का दबाव बना रहे थे। बंसल ने अपनी याचिका में तत्कालीन चीफ कमिश्नर एसकेएस सोमवंशी (अब सेवानिवृत), गुटखा कंपनी मेसर्स कायपान पान मसाला प्रालि मि.गोविंदपुरा भोपाल, सेंट्रल बोर्ड ऑफ एक्साइज एंड कस्टम्स, आरडी नेगी एडीजी विजिलेंस दिल्ली (तत्कालीन कमिश्नर) एवं सीबीआई को पार्टी बनाया है।
शिकायत में कहा गया है कि सोमवंशी ने छह महीने में कायपान के डायरेक्टर से 40-45 बार फोन पर क्या चर्चा की। तत्कालीन कमिश्नर नेगी ने उनकी शिकायत पर कार्रवाई नहीं की, उल्टे उनके(बंसल) के खिलाफ बदले की कार्रवाई करते हुए सीबीआई को जांच भेज दी। उनका दावा है कि वह अपनी संपत्ति के बारे में विभाग को पूरी सूचना दे चुके हैं लेकिन उन्हें अनावश्यक परेशान किया गया।

