सारनी/बेतूल। बिना शर्त अनुकंपा नियुक्ति की मांग को लेकर आंदालेन कर रहे आश्रितों को आश्वासन के अलाव कुछ नहीं मिल रहा है। अब वे इसके लिए बड़ा आंदोलन करने की तैयारी कर रहे हैं। मुख्यमंत्री और ऊर्जा मंत्री समेत अन्य अधिकारियों को लगातार आवेदन-निवेदन के बाद भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो पा रही है।
अनुकंपा नियुक्ति आश्रित संगठन के सदस्यों ने बताया मुख्यमंत्री, ऊर्जा मंत्री को कई बार आवेदन और ज्ञापन के माध्यम से जानकारी दी जा चुकी है। विधायक चैतराम मानेकर के माध्यम से भी सरकार से बिना शर्त अनुकंपा नियुक्ति लागू करने की मांग की गई, लेकिन सरकार ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया।
इसे लेकर आश्रित लगातार 3 सालों से जबलपुर में शक्ति भवन के सामने धरना, प्रदर्शन कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने यहां पहुंचकर वर्ष 1997 से बिना शर्त अनुकंपा नियुक्ति देने की मांग को माना था। इसे लागू करने का आश्वासन भी दिया था, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। इस दौरान आश्रितों ने जबलपुर से भोपाल तक पदयात्रा भी निकाली, लेकिन कोई फायदा नहीं मिला।
कंपनियां और सरकार लगातार तेरह वर्षों से आश्रितों को गुमराह कर रही है। जबकि पुराने प्रकरणों में मृत्यु दिनांक की वरिष्ठता सूची के आधार पर नियुक्ति प्रदान किया जाना था। उन कर्मचारियों की मासिक वेतन 5200 रुपए मात्र थी। पेंशन भी मात्र 2 हजार रुपए ही मिल रही थी7 मगर, आज 10 अप्रैल 2012 के बाद ऐसे आश्रितों को नियुक्ति दी गई है जिनके पिता का मासिक वेतन 50 हजार रुपए था और पेंशन भी 25 हजार रुपए से ज्यादा है। संगठन के निराकार सागर, अजय भंडारी, तोप सिंह समेत अन्य लोगों ने बताया आश्रित उग्र प्रदर्शन करने की तैयारी कर रहे हैं।

