भोपाल। त्रिस्तरीय पंचायतीराज संगठन के सयोंजक डी पी धाकड़ ने कहा कि पंचायतीराज संगठन के सभी जनप्रतिनिधि रतलाम-झाबुआ लोकसभा के उपचुनाव में चुनाव झाबुआ संसदीय क्षेत्र में डेरा डालेगे और पंचायतीराज के हक की लडाई के चलते बीजेपी प्रत्याशी को चुनाव में पराजित करवाकर 28 अक्टूबर को भोपाल में पंचायतीराज के जनप्रतिनिधियों पर प्रदेश की भाजपा सरकार द्वारा किए गये अत्याचार का बदला लेगें।
डी पी धाकड ने कहा कि 28 अक्टूबर को पंचायतीराज के अधिकारो की लडाई कर रहे प्रदेश भर के पंचायत प्रतिनिधियों को राजधानी भोपाल में प्रदेश सरकार ने आंदोलन नही करने दिया उनके अधिकारो मांग को कुचलने के लिए महिला जनप्रतिनिधियों पर भी सरकार के इशारे पर पुलिस ने लाठीया बरसाकर उन्हें जेल में ठूस दिया, इतना ही आंदोलन को दबाने के लिए सरकार की ओर से निर्वाचित जनप्रतिनिधियों को धारा 40 के तहत पद से प्रथक करने के लिए नोटिस और धमकी दी जा रही हैं।
डी पी धाकड ने कहा कि क्या प्रदेश की भाजपा सरकार लोकतात्रिक नही रही ? सरकार लोकतंत्र की जगह एकतंत्र पर विध्वास रखती। जिसके रहते पंचायतीराज के प्रतिनिधियो उनके संवेधानिक अधिकार मिलना असंभव हैं। इसलिए पंचायतीराज के प्रतिनिधियों के सामने एक ही रास्ता बचता हैं, कि हम सरकार का निमार्ण कर जो गलती कर चुके हैं, उसका प्रायश्चित करे ओर भविष्य के हर चुानाव में दुगनी ताकत से मेहनत करने इन्हे पराजित करवाए। मिश्रा ने कहा कि प्रदेश भाजपा सरकार द्वारा लगाई गयी अघोषित इमरजेंसी को समाप्त कर लोकतंत्र को बहाल करने के लिए हमें कढा सर्घष कर प्रदेश सरकार को जनतत्र की ताकत दिखाना होगी।

