नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को शिक्षक दिवस से एक दिन पूर्व देश भर के बच्चों और टीचरों को संबोधित किया। गौर हो कि हर साल 5 सितंबर को शिक्षक दिवस मनाया जाता है। शनिवार को जनमाष्टमी की छुट्टी की वजह से शिक्षक दिवस का कार्यक्रम आज मनाया जा रहा है।
दिल्ली के मानेकशॉ ऑडिटोरियम में बच्चों को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि शिक्षक की पहचान विद्यार्थी से होता है। बच्चों को बनाने में मां और शिक्षक का योगदान होता है। उन्होंने कहा कि मां जन्म देती है और गुरु जीवन देता है। आज का ये वक्त शिक्षकों को स्मरण करने का है।
- -शिक्षक की सिखाई बात जीवनभर याद रहती है।
- -शिक्षक और विद्यार्थी के बीच अपनत्व होना चाहिए।
- -शिक्षकों को विद्यार्थियों के जीवन पर लिखना चाहिए।
- -विद्यार्थी सबसे अधिक समय शिक्षक के साथ बिताता है।
- -शिक्षक कभी रिटायर नहीं होता है।
- -शिक्षक बच्चों में संस्कार गढ़ता है।
- - कुम्हार की तरह शिक्षक भी बच्चों का जीवन संवारता है।
- - सफल आदमी के पीछे शिक्षक का योगदान अधिक होता है।
- - देश को बनाने वाले के पीछे शिक्षक होता है।
- -डा. कलाम ने राष्ट्रपति पद से रिटायर होने के बाद ही पढ़ाना शुरू कर दिया।
इससे पहले, इस मौके पर पीएम मोदी ने पूर्व राष्ट्रपति एवं शिक्षाविद, अध्यापक एवं दार्शनिक डा. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के सम्मान में 125 रुपये का स्मारक सिक्का और 10 रुपये का परिचालन में रहने वाला सिक्का भी जारी किया। मानव संसाधन विकास मंत्री स्मृति ईरानी भी इस परिसंवाद कार्यक्रम में मौजूद हैं। जिक्र योग्य है कि मोदी के मई 2014 में प्रधानमंत्री बनने के बाद से शिक्षक दिवस के मौके पर यह दूसरा कार्यक्रम है।

