बैतूल। उसे ठीक से अभी यह भी नहीं मालूम कि फांसी होती क्या है, लेकिन मां से नाराज था इसलिए फांसी पर झूल गया। ईश्वर ने भी अन्याय नहीं किया। फांसी पर झुलने के बाद भी उसे बचा लिया गया।
घटना शाहपुरा क्षेत्र स्थित ग्राम हीरापुर गांव की है जहां 12 साल के लक्ष्मण ने खुद को फांसी लगाकर जान देने की कोशिश की। पुलिस के मुताबिक गांव के ओझा मवासे की पत्नी पड़ोस के ही एक गांव में किसी काम से जा रही थी। वहां जाने की बात सुनकर 12 साल का लक्ष्मण भी मां के साथ जाने की जिद करने लगा लेकिन मां ने उसकी जिद्द नहीं मानी और अकेले ही पड़ोस के गांव के लिए निकल गई।
इस बात से नाराज हो कर लक्ष्मण ने घर में ही बैल को बांधने वाले कमरे में फंदा लगाया और उस पर लटक गया। थोड़ी देर में ही उसके परिजन वहां पर आए तो उन्होंने उसे रस्सी से लटका पाया। जिसके बाद उन्होंने तुरंत उसे फंदे से उतारा और जिला अस्पताल ले गए।

