मनरेगा संविदा कर्मचारियों ने वेतन विसंगति दूर करने दिया ज्ञापन

Updesh Awasthee
भोपाल। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग अंतर्गत मनरेगा परियोजना में संविदा पर कार्य करने वाले संविदा कर्मचारियों/ अधिकारियों, ग्राम रोजगार सहायकों, लैब टैक्निशियनों, लैब सहायकों का वेतन बढ़ाने और छठवें वेतनमान की वेतन विसंगति दूर करने की मांग को लेकर आज मंगलवार को म.प्र. संविदा कर्मचारी अधिकारी महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष रमेश राठौर के नेतृत्व में एक प्रतिनिधि मण्डल ने मनरेगा आयुक्त रघुराज राजेन्द्रन को ज्ञापन सौंपा तथा नर्मदा भवन स्थित मनरेगा कार्यालय के बाहर प्रदर्शन कर जमकर नारेबाजी की।

गौरतलब है कि पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के 31 मई 2013 को छठवें वेतन के अनुसार मनरेगा संविदा कर्मचारियों/ अधिकारियों का पारिश्रमिक का निर्धारण किया गया था। उसमें प्रतिवर्ष वेतन वृद्वि का प्रावधान था। वर्ष 2014 में 72 प्रतिशत् डी.ए. के हिसाब से संविदा कर्मचारियों, अधिकारियों वेतन बढ़ाया गया। वर्ष 2015 के 6 माह बीत जाने के बाद भी इस वर्ष संविदा कर्मचारियों के वेतन में किसी भी प्रकार की कोई बढ़ौतरी अभी तक नहीं की गई। जबकि अन्य विभागों में कार्यरत संविदा कर्मचारियों के वेतन में 113 प्रतिशत् मंहगाई भत्ते के हिसाब से वेतनवृद्वि कर दी गई है।

मनरेगा के अंतर्गत कार्यरत ग्राम रोजगार सहायकों को मात्र  पांच हजार रूपये वेतन दिया जा रहा है और ग्राम पंचायत के समस्त कार्य उनसे कारवाये जा रहे हैं । यहां तक कि रोजगार सहायक अपने पैसे खर्च करके मजदूरों की आन लाईन जानकारी के फार्म तक भर हैं उसके बावजूद उनको श्रम कानून के तहत् लागू न्यूनतम वेतन से भी कम वेतन दिया जा रहा है।

मनरेगा में कार्यरत लैब टैक्निशियनों और सहायकों को मात्र पांच हजार और तीन हजार वेतन दिया जा रहा है जबकि उनसे जिले के समस्त निर्माण कार्यो की क्वालीटी टेंस्टिंग करवाई जा रही है तीन हजार और छः हजार रूपये में कैसे क्वालीटी टेंस्टििंग होगी।

पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग ने संविदा कर्मचारियों को छठवां वेतनमान देने के लिए निर्धारित किये गये वेतन में भी भारी विसंगति है जिसके कारण संविदा कर्मचारियों/अधिकारियों को छठवें वेतनमान के अनुसार जो वेतन मिलना चाहिए उसका आधा वेतन मिल  रहा हैं। जिसके सबंध में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के मंत्री गोपाल भार्गव, विभाग की अपर मुख्य सचिव अरूणा शर्मा को भी ज्ञापन दिया जा चुका है।

महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष रमेश राठोर ने कहा है कि यदि मनरेगा सहित् पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के संविदा कर्मचारियों /अधिकारियों, ग्राम रोजगार सहायकों, लैब टैक्नििशियनों, लैब सहायकों का वेतन शीध्र नहीं बढ़ाया गया और वेतन विसंगति दूर नहीं की गई तो प्रदेश में बढ़ा आंदोलन किया जायेगा।

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