भोपाल। इंदौर की कंपनी नियो कॉर्प इंटरनेशनल अब कालेधन के जाल में भी फंस गई है। भारत सरकार इस कंपनी के स्विसबैंक खातों की जासूसी कर रही है। इससे पहले इनकम टैक्स डिपार्टमेंट की रेड में इसके चपरासी और ड्रायवरों के नाम फर्जी कंपनियों और 100 करोड़ से ज्यादा के लेनदेन का खुलासा हुआ था।
स्विट्जरलैंड सरकार ने अपने आधिकारिक राजपत्र (गजट) में नियो कॉर्प का नाम प्रकाशित किया है। स्विस संघीय कर प्रशासन (एफटीए) ने इस सूची में शामिल कंपनी को 30 दिन का समय दिया है। इस अवधि में वे भारतीय एजेंसियों को उनकी विस्तृत जानकारी देने के खिलाफ संघीय प्रशासनिक अदालत में अपील कर सकती हैं।
इसी साल फरवरी में नियो कॉर्प पर इनकम टैक्स विभाग ने छापेमार कार्रवाई की थी। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक नियो कॉर्प इंटरनेशनल और उसकी दस सहयोगी कंपनियों पर छापे में चौंकाने वाली जानकारी सामने आई थी।
जांच में खुलासा हुआ था कि कंपनी ने 15 डमी कंपनियां बना रखी थीं, जिससे करीब 100 करोड़ का लेन-देन हुआ है। इनमें कंपनी में ही काम करने वाले सुपरवाइजर और पांच-पांच हजार का वेतन पाने वाले कर्मचारियों को डायरेक्टर बनाया गया था।

