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10वीं पास ने बनाई नैनो बाईक



सागर। शहर के मात्र 10वीं पास एक मैकेनिक ने यहां वहां से पुरानी गाड़ियों के पार्ट्स जुटाकर एक नैनो बाइक बना डाली। यह बाईक 40 का एवरेज दे रही है और बड़े मजे के साथ दौड़ रही है। नाबालिग बच्चों के लिए यह बहुत मजेदार है।

मैकेनिक बंटी मिर्जा ने बताया की उनके दोस्त मनीष देवलिया की मोपेड खराब हो गई थी। मनीष उसे सुधरने के लिए उनके पास गैराज में रख गए थे। कुछ दिन बाद उन्होंने गाड़ी को कबाड़ में बेच देने के लिए बंटी से कहा। बंटी ने कबाड़ी से बात की। कबाड़ी गाड़ी के बदले महज 7 सौ रुपए दे रहा था।

बंटी ने गाड़ी को कबाड़ में बेचने का इरादा बदल दिया। करीब 10 साल तक गाड़ी उनके गैराज में खुली और कटी-पिटी हालत में पड़ी रही। एक दिन इस गाड़ी के पार्ट्स से बेटे के लिए छोटी सी बाइक बनाने का आइडिया दिमाग में आया। स्कूटर के टायर, मोपेड का इंजन, बाइक की टंकी, कार के फोक लैंप और अन्य गाड़ियों के पार्ट्स से चेसिस बनाया। इन सभी पार्ट्स से उन्हाेंने दो साल में बेटे के लिए नैनो बाइक बना डाली।

40 का माइलेज देती है नैनो बाइक
करीब 30 किलो की यह नैनो बाइक एक लीटर पेट्रोल में 40 किलोमीटर चलती है। बाइक इतनी मजबूत है कि इसे बच्चों के अलावा बड़े-बुजुर्ग भी चला सकते हैं।

बच्चों को गाड़ी चलाने का हुनर
मिर्जा का कहना है कि वे चाहते हैं कि बच्चे हाई और हायर सेकंडरी स्कूल की पढ़ाई तक पहुंचने से पहले ही गाड़ी चलाने का हुनर सीख लें। इसके लिए वे इस तरह की और बाइक भी बनाने में जुटे हैं। बच्चे गाड़ी चलाना सीख जाएंगे तो उनके माता-पिता को रोज-रोज उन्हें स्कूल लाने ले जाने के लिए परेशान नहीं होना पड़ेगा।