भोपाल। पीपुल्स यूनिवर्सिटी के छात्रों ने डिप्लोमा कोर्सेस की मान्यता पर सवाल खड़े कर गुरुवार को जमकर हंगामा किया। छात्रों का आरोप है कि विवि के दायरे में आने वाले पीपुल्स कॉलेज ऑफ रिसर्च एंड टेक्नोलॉजी में संचालित डिप्लोमा कोर्सेस अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (एआईसीटीई) से मान्यता प्राप्त नहीं है। इससे उनका कॅरियर बर्बाद होने की कगार पर है।
यूनिवर्सिटी को सत्र 2011-12 से लेकर सत्र 2014-15 तक डिप्लोमा कोर्स की मान्यता नहीं मिली है। छात्रों को इसका पता तब चला जब उन्हाेंने अपनी डिग्री के आधार पर बैंक में लोन के लिए आवेदन किया। छात्रों का कहना है कि लोन के लिए आवेदन करने पर बैंक ने लोन देने से यह कहकर साफ इंकार कर दिया कि जिस संस्थान से उन्होंने डिग्री ली है उसे एआईसीटीई से डिप्लोमा की मान्यता ही नहीं है। इसका असर करीब एक हजार छात्रों के कॅरियर पर पड़ रहा है।
इस खुलासे के बाद से ही छात्र पिछले चार दिनों से स्थिति साफ करने की मांग को लेकर यूनिवर्सिटी में अधिकारियों के चक्कर काट रहे हैं। गुरुवार को हजारों की संख्या में छात्र यूनिवर्सिटी कैंपस में जमा हुए। पहले तो छात्रों की अफसरों के साथ बहस हुई। बाद में यूनिवर्सिटी प्रबंधन ने 50 रुपए के बांड पर एक माह में स्थिति साफ करने की बात लिखकर मामला रफा-दफा करने की कोशिश की। इस रवैए से खफा छात्रों ने मिड टर्म एग्जाम का भी बायकाॅट कर दिया है।
विवि के कुलपति डॉ. वीके पंड्या का इस मामले में कहना है कि यूनिवर्सिटी यूजीसी के नियमाें से संचालित होती है। विवि को किसी भी कोर्स को संचालित करने के लिए यूजीसी या एआईसीटीई से मान्यता लेने की जरूरत नहीं होती। सुप्रीम कोर्ट ने 2008 में सुनाए फैसले में पहले ही स्थिति साफ कर दी है। छात्रों को इस संबंध में पूरे डॉक्यूमेंट्स उपलब्ध करा दिए गए हैं। फिर भी छात्रों की संतुष्टि के लिए एआईसीटीई से कोर्सेस की मान्यता लेने की कोशिश की जाएगी।

