सोल/दक्षिण कोरिया। अब तक 35 लोगों को संक्रमित कर चुके मर्स वायरस के प्रकोप के मद्देनजर साउथ कोरिया में सैकड़ों स्कूलों को बंद कर दिया गया है। इस वायरस से दो लोग मारे जा चुके हैं और हजारों लोगों ने अपनी यात्रा की योजनाएं रद्द कर दी हैं। लोगों में फैली घबराहट को कम करने के लिए अधिकारियों को काफी मशक्कत करनी पड़ रही है। मर्स यानी मिडल ईस्ट रेस्पिरेटरी सिंड्रोम के प्रकोप को लेकर लोगों में पैदा हुए डर के चलते 700 से ज्यादा शिक्षण संस्थान बंद कर दिए गए हैं जिनमें छोटे बच्चों के स्कूलों से लेकर कॉलेज तक शामिल हैं।
क्या है मर्स
मिडल ईस्ट रेस्पिरेटरी सिंड्रोम वारयस के बारे में पहली बार 2012 में पता चला था. इससे संक्रमण के बढ़ रहे मामलों ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता पैदा कर दी है. पिछले कुछ हफ्तों में मामलों में हुई बढ़ोतरी सऊदी अरब के लिए चुनौती की तरह खड़ी है।
इस हफ्ते सऊदी अरब ने 26 नए मामलों की पुष्टि की. सामने आए कुल 399 मामलों में से 102 मरीजों की इस वायरस के कारण मौत हो गई. श्वास संबंधी इस बीमारी में खांसी, बुखार, सांस लेने में परेशानी जैसी तकलीफें सामने आती हैं जो आगे बिगड़ने पर निमोनिया या गुर्दे खराब होने की भी सूरत ले सकती है।
एमईआरएस के अब तक सामने आए ज्यादातर मामले सऊदी अरब में पाए गए हैं. लेकिन ब्रिटेन, ग्रीस, फ्रांस, इटली, मलेशिया और कुछ अन्य देशों से भी छिटपुट मामलों की खबरों ने अंतरराष्ट्रीय चिंता को जन्म दिया है. विश्व स्वास्थ्य संगठन ने भी कहा है कि सऊदी अरब में एमईआरएस के मामलों में लगातार हो रही वृद्धि चिंता का विषय है. संगठन ने इस हफ्ते अपनी एक जांच टीम सऊदी अरब भेजने की भी बात कही है.
बचाव के उपाय
अब तक इसका कोई सटीक इलाज नहीं खोजा जा सका है। बचाव ही इसका एकमात्र इलाज़ है। कुछ खास सावधानियां अपना कर इससे बचा जा सकता है। इससे बचने के लिए अपने हाथों को अच्छी तरह साबुन से धोना चाहिए। खांस और छींक आते वक्त अपने नाक और मुंह को अच्छी तरह से ढककर रखना चाहिए। इसके अलावा संक्रमित व्यक्ति के साथ अनावश्यक संपर्क से बचें।

