सिवनी। कलेक्टर भरत यादव के फर्जी हस्ताक्षर व सील का दुरुपयोग करने के मामले में आदेगांव छात्रावास अधीक्षिका प्रजेश पन्द्रे पर धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया गया है।
लखनादौन जनपद सीईओ अरुण त्रिपाठी ने लखनादौन थाना में रिपोर्ट दर्ज कराई है, जिसमें उन्होंने कहा है कि अनियमितता बरतने के आरोप में सुश्री पन्द्रे को निलंबित कर दिया गया था। अपने निलंबन अवधि के दौरान पन्द्रे को जिला मुख्यालय अटैच किया गया था। इसी दौरान उन्होंने कलेक्टर के फर्जी लेटर पर फर्जी हस्ताक्षर व सील सहित अपनी पदस्थपना के आदेश जनपद सीईओ लखनादौन के समक्ष प्रस्तुत किए थे। इस आधार पर लखनादौन सीईओ ने उन्हें पदस्थापना तो दे दी, लेकिन जिला कलेक्टर की फर्जी सील व हस्ताक्षर लगे होने के संदेह पर उन्होंने इसकी सूचना जिला कलेक्टर को दी, तब जाकर इसकी पुष्टि हुई।
जैसे ही कलेक्टर कार्यालय से सीईओ लखनादौन को इस बात की जानकारी मिली कि प्रजेश पन्द्रे ने कलेक्टर के नकली हस्ताक्षर व सील का उपयोग कर पदस्थापना प्राप्त की है। सूचना के आधार पर उन्होंने लखनादौन थाने में उसके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है। लखनादौन पुलिस ने उक्त प्रकरण पर सुश्री पन्द्रे के खिलाफ 420, 467, 468 आईपीसी का मामला दर्ज किया है।

