बैतूल। शिक्षकों को पोर्टल पर अतिशेष बताए जाने के विरोध में गुरुवार को शिक्षकों ने सारनी आए कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। उन्होंने विसंगतियां गिनाईं। कलेक्टर ने मामले में जांच करने का आश्वासन शिक्षकों को दिया है।
आदिम जाति कल्याण विभाग द्वारा जिले में अतिशेष शिक्षकों की सूची की जानकारी भी शिक्षकों ने राजडोह में कलेक्टर को दी है। आदिम जाति कल्याण विभाग बैतूल ने 30 मई को जिले में सभी ब्लाकों के सहायक शिक्षक और अध्यापक संवर्ग को वर्तमान सत्र में छात्रों की दर्ज संख्या के आधार पर अतिशेष माना है। इसकी सूची एजूकेशन पोर्टल पर डाली गई है।
शिक्षक संघ के ब्लाक अध्यक्ष नारायण नगदे व अन्य शिक्षकों ने कलेक्टर ज्ञानेश्वर बी. पाटील को बताया कि सहायक शिक्षकों की नियुक्ति विषयमान के आधार पर नहीं की गई है। स्थानीय निकाय सारनी द्वारा जब अध्यापक संवर्ग की भर्ती की गई थी तब सहायक शिक्षकों के स्वीकृत पद एवं विषयमान से कार्यरत और स्वीकृत पदों का ध्यान नहीं रखा गया। माध्यमिक शाला में प्रधानपाठक के मंजूर पदों को हमेशा विभाग द्वारा छिपाकर रखा गया। इसके कारण यूडीटी शिक्षकों को लाभ नहीं मिल पाया। शिक्षकों को प्रमोशन नहीं दिया गया। नगर पालिका सारनी ने सहायक शिक्षकों और उच्चश्रेणी शिक्षकों के रिक्त पद नहीं होने पर भी भर्ती की। अन्य जिलों से स्थानांतरण होकर आए सहायक संवर्ग को ज्वाइन कराया गया। ऐसे में कई शिक्षक अतिशेष हुए हैं।

