भोपाल। बीएसएनएल कर्मचारी एक बार फिर से आंदोलन की तैयारी में जुट गए हैं। इसकी वजह है, कर्मचारियों की जायज मांगों को वादा करके भी पूरा नहीं किया जाना और बीएसएनएल की साख को धक्का पहुंचाने वाली घटनाओं की जांच रिपोर्ट का सार्वजनिक नहीं होना।
बीएसएनएल बचाने के लिए आवाज उठाने पर सिटी एक्सचेंज के अधिकारी खुलेआम जान से मारने की धमकी देकर सांप्रदायिक माहौल बना रहे हैं। गुरूवार को बीएसएनएलईयू की आपातकालीन मीटिंग के बाद बीएसएनएलयूई के जिला सचिव सलामत अली और सहसचिव महेश रायकवार ने बताया कि , यूनियन की लड़ाई बीएसएनएल की साख बचाने के लिए है।
सिटी एक्सचेंज में दो साल पहले लगी आग से नुकसान और कस्टमर के दूसरे टेलीफोन कंपनियों से जुड़ने के नतीजे में बीएसएनएल की साख को गहरा धक्का लगा है। फिर भी जांच रिपोर्ट को सार्वजनिक नहीं किया जा रहा है। बीएसएनएल की केबिल कटने और निजी कंपनियों को फायदे की जांच के साथ ही नुकसान का आंकलन किया जाए। इस मौके पर एससी श्रीवास्तव, टीसी गोयल, ओम श्रीवास्तव, जगदीश प्रसाद वर्मा, अनीता कार्नेलियस,
महिमा यादव, सदरून्निशा, एचएस परिहार, रामदीन धुर्वे, शहाबुद्दीन, महेंद्र शुक्ला, गयास अहमद, एमएल तिवारी, बदरूद्दीन, बाबा मुंजेवार, मुजμफर अहमद, अख्तर हुसैन, एमके उइके, एजाज उद्दीन, फकीर बख्श, सुनील करण, अब्दुल अजीज आदि थे। साथ ही यूनियन ने चेतावनी दी थी कि, कर्मचारियों के ट्रांसफर के दौरान रिकॉर्ड में हेराफेरी, प्रताड़ना, संगठन विशेष के दबाव में आदेशों में फेरबदल किए जाने पर आंदोलन फिर से भड़क जाएगा।

