रतलाम। मप्र में डॉक्टरों की सुरक्षा के लिए तो कानून बन गए परंतु डॉक्टरों की बेवकूफियों से होने वाली मौतों के लिए दण्ड का कोई प्रावधान नहीं है। ताजा मामले में डॉक्टरों ने शाम को नसबंदी की और रात में महिला की मौत हो गई। अब मुआवजा देकर मामले को दबाया जा रहा है। दोषी डॉक्टरों के खिलाफ कोई कार्रवाई शुरू नहीं हुई है।
ग्राम छायनवीरपाड़ा निवासी संगीता पति रामचंद्र (25) शुक्रवार दोपहर नसबंदी ऑपरेशन के लिए परिजन के साथ रावटी सरकारी अस्पताल पहुंची थी। मृतिका के पिता रूपजी निवासी भेरूपाड़ा ने बताया कि शाम करीब 5.30 बजे डॉ. वीएस राणावत ने ऑपरेशन किया। ऑपरेशन के करीब आधे घंटे बाद संगीता को घबराहट के साथ उल्टी होना शुरू हो गई।
डॉ. राणावत को बताया तो उन्होंने झल्लाते हुए कहा कि नर्स को बताओ मुझे परेशान मत करो। नर्स ने एक इंजेक्शन लगाया। इसके बाद तबीयत और ज्यादा खराब हो गई। गंभीर हालत में रात करीब 11 बजे संगीता को जिला अस्पताल लाए। यहां रात करीब 2 बजे उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। मौत के बाद रात में शव को पोस्टमार्टम रूम में रखने के दौरान परिजन बिफर गए। सीएमएचओ डॉ. पुष्पेंद्र शर्मा ने मृतिका के परिजन को 2 लाख रुपए का चेक सौंपा।
तीन साल की बेटी, एक साल का बेटा
मृतिका संगीता की एक 3 वर्षीय पुत्री व 1 वर्षीय पुत्र है। दोपहर में शव मृतिका के मायका वीरपाड़ा ले जाया गया। जहां पर 1 वर्षीय पुत्र राहुल ने मुखाग्नि दी।
ना FIR ना जांच, सब गोलमाल
इस मामले में ना तो पुलिस ने कोई एफआईआर दर्ज की है और ना ही जांच शुरू की गई है। स्वास्थ्य विभाग अपने स्तर पर जांच कर रहा है। चोर चोर मौसेरे भाई की तर्ज पर जांच अधिकारी अपने डॉक्टर भाई को निर्दोष साबित कर देगा।

