भोपाल। सरकारें जितनी पुरानी होती जातीं हैं उतनी ही बेलगाम भी। कम से कम मप्र का तो यही अनुभव रहा है, फिर चाहे वो दिग्विजय सिंह की सरकार रही हो या शिवराज सिंह की। इन दिनों मप्र शासन लिखे वाहनों में अपराधों की संख्या बढ़ रही है। कुछ समय पहले मुरैना में मप्र शासन लिखी जीप में जुआ पकड़ा गया था आज देवास के कन्नौद में मप्र शासन लिखी क्वालिस में चोरी के सिलेण्डर मिले हैं। देवास में ऐसी कई गाड़ियां घूम रहीं हैं जिनपर मप्र शासन लिखा है लेकिन वो सरकारी नहीं हैं। भोपालसमाचार.कॉम ने पहले भी इस संदर्भ में आगाह किया था।
बीएनपी पुलिस ने गैस सिलेंडर चोरी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनके कब्जे 44 सिलेंडर जब्त किए हैं। एक क्वालिस भी जब्त की गई है जिसका इस्तेमाल चोरी किए गए गैस सिलेंडरों को ले जाने में किया जाता था। वाहन पर आगे मप्र शासन लिखा मिला जिसके जरिए वे गुमराह करते थे। सभी आरोपी इंदौर के रहने वाले हैं।
आरोपियों ने अभी तक देवास और उज्जैन जिले में सात गोदामों से सिलेंडर चोरी करना कबूले हैं। इंदौर सहित अन्य क्षेत्रों की वारदातें भी खुलने की संभावना है। गिरफ्तार आरोपियों में गिरोह का सरगना मनोज खिलानसिंह यादव (28) नि. सिमलिया थाना खुरई सागर हालमुकाम इंदौर है। कृष्णबाग कॉलोनी इंदौर का हॉकर मुकेश मराठा चोरी कर लाए गए सिलेंडरों को खेरची और थोक में अवैध रूप से बेचता था।
एसपी अभयसिंह ने बताया मुखबिर की सूचना पर पुलिसबल ने बायपास पर गुरुकृपा ढाबा के पास क्वालिस रोकी और जांच की। वाहन में गैस सिलेंडर भरे हुए थे। वाहन में ही आरोपी मनोज यादव नि. सागर हालमुकाम इंदौर, निशांत उर्फ भूरा सोनी पिता अरुण कुमार नि. ग्राम गोड़ झामर हालमुकाम बर्फानीधाम इंदौर, रवि भेरू मालवीय नि. राहुलगांधी नगर इंदौर (18), भरत यशवंत गाजिंदा थाना सिमरोल हालमुकाम रागां नगर इंदौर (27) बैठा हुआ था। चारों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई तो गैस गोदामों से सिलेंडर चोरी करने की वारदातें कबूली।
मनोज गिरोह का सरगना है जबकि निशांत गोमझामर से सागर चलने वाली कमांडर गाड़ी में ड्राइवरी करता है। रवि इंदौर में आयशर गाड़ी पर ड्राइवरी करता है जबकि भरत रोलर ऑपरेटर के कार्य के अलावा मनोज के साथ ड्राइवरी करता था। चारों आरोपियों से पूछताछ के बाद पुलिस ने गैस हॉकर मुकेश यशवंत मराठा नि. कृष्णबाग कॉलोनी इंदौर और उसके भाई गणेश मराठा को गिरफ्तार किया। चोरी कर लाए गए सिलेंडर को बड़े शहरों घूमकर थोक और खेरची में अवैध रूप से बेचने का काम मुकेश करता था जबकि गणेश एक प्रिटिंग प्रेस पर बाइडिंग करता है। छोटे भाई मुकेश द्वारा गैस के सिलेंडर गणेश के ही घर पर रखे जाते थे। सरगना मुकेश पर सागर क्षेत्र में भी पहले से प्रकरण दर्ज हैं। पर्दाफाश में टीआई बीएनपी के आरडी मिश्रा, टोंकखुर्द थानाप्रभारी विजयसिंह सिसौदिया, एसआई दिनेश राठौर, देवेंद्रसिंह कुशवाह, प्रआ उधमसिंह, आरक्षक टीकमसिंह, शिवप्रतापसिंह सेंगर, धर्मराजसिंह, मनीष पवार, देवेंद्रसिंह, शिवकुमारसिंह का योगदान रहा। टीम के सभी सदस्यों को एसपी द्वारा नकद पुरस्कार देने की घोषणा की गई।
बिजली कंपनी में अटैच थी गाड़ी
एसपी ने बताया आरोपियों द्वारा चोरी किए गए सिलेंडर को जिस क्वालिस (एमपी-09, वी- 6635) गाड़ी में भर ले जाया जाता था, उस पर आगे मप्र शासन लिखा था। छानबीन में पता चला कि यह गाड़ी पूर्व में बिजली कंपनी कार्यालय में किराए पर अटैच थी, तभी से मप्र शासन लिखा हुआ था। बदमाश वारदात के दौरान भी मप्र शासन लिखी पट्टी का फायदा गुमराह करने के लिए उठाते थे। वारदात से दो से तीन पहले घटनास्थल के आसपास रेकी की जाती थी। गाड़ी पर मप्र शासन लिखा होने से कभी शक नहीं होता था। भ्रमित करने के साइड ग्लासेस पर पर्दे भी लगा रखे थे।
टंकियां देख मिला सुराग
सूत्रों के अनुसार, पुलिस को गैस सिलेंडर चोरी करने वाले गिरोह के बारे में यह मालूम था कि इसके लिए कोई गाड़ी इस्तेमाल होती है। यह बात तब पुख्ता हो गई जब टोल नाके पर क्रॉसिंग के दौरान मप्र शासन लिखी इस क्वालिस में टंकियां भरी मिली। पुलिस को सीसी फुटेज से क्वालिस का नंबर प्राप्त हो गया और उसने अपनी टीम पीछे लगा दी। इसी के चलते बदमाश टंकियांे सहित रंगेहाथ पकड़े गए। बदमाशों ने कन्नौद थानाक्षेत्र में वर्ष 14 में एक, बीएनपी में वर्ष 14-15 में तीन, बागली में वर्ष 14 में एक, बरोठा में 2015 में एक और इंगोरिया जिला उज्जैन में वर्ष 2015 में एक वारदात करना कबूली है।

