इंदौर। सरकारें कुछ भी दावे करतीं रहें परंतु घटनाओं और घोटालों का समाज पर असर पढ़ता ही है। प्रोफेशनल कोर्सेज में पेपर लीक और व्यापमं व डीमेट घोटाले उजागर होने के बाद प्रतिभावान छात्रों का मध्यप्रदेश पर से भरोसा ही उठ गया है। करीब डेढ़ लाख स्टूडेंट्स मप्र के बाहर दूसरे राज्यों में पढ़ाई करने के लिए चले गए।
हर साल जून के आखिरी सप्ताह तक प्रदेश के कॉलेजों की 70 फीसदी सीटें भर जाती थीं, लेकिन इस बार आंकड़ा 40 फीसदी से ऊपर नहीं गया। फिलहाल बीई में 70 हजार सीटें खाली हैं। ट्रेडिशनल कोर्स की 40 प्रतिशत सीटें खाली हैं। सभी कोर्स में जून के आखिरी सप्ताह तक डेढ़ लाख छात्र कम हैं। बीकॉम, बीएससी, बीए, एमकॉम, बीबीए और एमसीए कोर्स में छात्रों की संख्या सबसे निचले स्तर पर है।
रजिस्ट्रेशन ज्यादा, एडमिशन कम
उच्च शिक्षा विभाग के अंडर और पोस्ट ग्रेजुएट कोर्सेस में प्रदेश में करीब 3 लाख सीटें हैं। इसके लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन में 3 लाख से ज्यादा छात्रों ने रजिस्ट्रेशन कराया, लेकिन एडमिशन लेने वालों की संख्या बहुत कम है। रजिस्ट्रेशन के बाद भी हजारों छात्रों ने एडमिशन नहीं लिया। ट्रेडिशनल कोर्सेस में इस बार करीब 80 हजार तो टेक्निकल और प्रोफेशनल कोर्सेस में करीब 70 हजार छात्र कम होने की स्थिति है।
बाहर जा रहे हैं छात्र
उच्च शिक्षा विभाग और डायरेक्टोरेट ऑफ टेक्निकल एजुकेशन दोनों ही ज्यादा से ज्यादा छात्रों को एडमिशन लेने के लिए प्रेरित कर रहे हैं। इसके बावजूद हर साल प्रदेश में छात्रों की संख्या कम हो रही है। ये छात्र पुणे, बेंगलुरु, मुंबई और दिल्ली जा रहे हैं। शासन के पास बाहर जाने वाले छात्रों की जानकारी नहीं है, लेकिन कोचिंग संस्थानों के अनुसार इंदौर में 40 फीसदी छात्र बाहर के विश्वविद्यालयों और कॉलेजों की प्रवेश परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं। इसमें हजारों छात्रों को सफलता भी मिल रही है।
इस बार सरकारी कॉलेज भी खाली
इस बार छात्रों की संख्या किस स्तर तक कम हुई है, इसका अंदाजा प्रदेश के उन सरकारी कॉलेजों में हुए एडमिशन संख्या से भी लगाया जा सकता है। विज्ञान के टॉप कॉलेजों में एक इंदौर के होलकर साइंस कॉलेज में भी एडमिशन लेने के लिए पिछले साल जैसी मारा-मारी नहीं है। देवी अहिल्या विवि के विभागों में भी एडमिशन लेने के लिए पिछले सालों के मुकाबले प्रतिस्पर्धा कम हुई है।
इंदौर से इस साल इतने छात्र गए बाहर
पुणे 12,000
बेंगलुरु 10,000
दिल्ली 8,000
मुंबई 6,000
चेन्नई 4,500
फॉरेन 10,000
प्रदेश में 25 जून तक रजिस्ट्रेशन की स्थिति
बीई-22,500
एमबीए- 2,600
एमसीए- 258
एमई-एमटेक-242

