भोपाल। बुंदेलखंड में जहां एक ओर छुआछूत जैसी पुरातन परंपराएं जिंदा हैं तो वहीं भाई बहन के बीच प्रेस प्रसंग के मामले भी सामने आ रहे हैं। टीकमगढ़ में आॅनरकिलिंग का मामला अभी ठंडा नहीं हुआ कि छतरपुर में आॅनरकिलिंग के डर से भाई बहन ने जहर खा लिया। दोनों के बीच काफी दिनों से प्रेम प्रसंग था। आत्महत्या से पहले भाई ने अपनी बहन की मांग में सिंदूर भरा।
यह है पूरा मामला...
मूलचंद्र कुशवाह (21) और उसके सगे मामा की लड़की राजकुमारी (19 साल) के बीच करीब दो साल से प्रेम-प्रसंग चल रहा था। मूलचंद्र छतरपुर से करीब 15 किमी दूर नौगांव थाने के अंतर्गत आने वाले गांव मऊसहानिया में रहता है। राजकुमारी उसके गांव से करीब 80 किमी दूर चरखारी (उत्तर प्रदेश) कस्बे से है, जो महोबा जिले में आता है।
शुक्रवार को राजकुमारी बुआ यानी मूलचंद्र के घर रहने आई थी। दोनों शनिवार सुबह घर से बाहर निकले और महाराजा क्षत्रसाल के म्यूजियम के पास पहुंचे। जैसा कि प्रेमी युगल ने पुलिस को बताया, दोनों ने म्यूजियम के पीछे बैठकर एक-दूसरे के संग जीने-मरने की कसमें खाईं। मूलचंद्र ने राजकुमारी की मांग में सिंदूर भरा। मूलचंद्र ने अपनी कलाई पर राजकुमारी का नाम लिखवा रखा है। वहीं राजकुमारी ने हथेली पर रची मेंहदी में मूलचंद्र का नाम लिखवा रखा है। बरहाल, दोनों अपनी शादी को लेकर चिंतित थे। आखिरकार भावनाओं में बहकर दोनों ने जहर खा लिया।
वहां से गुजर रहे लोगों ने जब प्रेमी युगल को बेहोश पड़े देखा, तो उन्होंने मूलचंद्र के परिजनों को इसकी सूचना दी। बाद में दोनों को छतरपुर के जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। दोनों की हालत गंभीर बताई जाती है।

