पढ़िए बर्खास्त आईएएस टीनू जोशी का गर्मागरम सरेंडर ड्रामा

Updesh Awasthee
भोपाल। मध्य प्रदेश आय से अधिक संपत्ति मामले में बर्खास्त आईएएस टीनू जोशी ने नाटकीय ढंग से जिला कोर्ट में सरेंडर किया। टीनू जोशी चिरायु अस्पताल की एंबुलेंस से कोर्ट पहुंची। टीनू व्हीलचेयर पर थी और उनके साथ एक डॉक्टर और दो महिला केयरटेकर भी थी, लेकिन जब कोर्ट ने जमानत याचिका खारिज कर दी, तो टीनू जोशी कोर्ट में फूट-फूट कर रोने लगी। न खाने के लिए कुछ मांगा, न पिने के लिए पानी।

वैसे, तो टीनू जोशी जब आईएएस ऑफिसर थीं तो उनका जलवा कुछ ओर था, लेकिन आज न तो टीनू जोशी के आस-पास सलाम ठोंकने वाले उनके कर्मचारी थे और न ही आदेश मानने वाला कोई अधिकारी। टीनू जोशी चारों तरफ से वकील और पुलिस से घिरी हुई नजर आईं।

सरेंडर करने के बाद कोर्ट में टीनू जोशी व्हीलचेयर पर चार घंटे तक बैठी रही। न ही उन्होंने किसी से बात की और न ही किसी से कुछ खाने और पीने को मांगा। लेकिन जब कोर्ट ने टीनू की जमानत याचिका खारिज कर दी, तो टीनू फूट-फूटकर रोने लगी। साथ ही टीनू मीडिया और वकीलों से मुंह छुपाती हुई नजर आई।

15 जनवनी को अगली सुनवाई
टीनू जोशी के वकीलों ने बीमारी के आधार पर कोर्ट से जमानत मांगी। टीनू के वकीलों ने कोर्ट से कहा कि 14 जनवरी को उदयपुर में टीनू का ऑपरेशन होना है, इसलिए उसे तीन सप्ताह के लिए जमानत दी जाए। वहीं लोकायुक्त ने जमानत का विरोध किया। लंच के बाद कोर्ट ने अपना फैसला सुनाया, तो टीनू जोशी के चेहरे का रंग उतर गया।

लोकायुक्त पर उठे सवाल
टीनू जोशी के सरेंडर करने के मामले को लेकर लोकायुक्त पर भी सवाल उठने लगे हैं। क्योंकि टीनू जोशी मध्यप्रदेश में इतने समय से फरार रहीं हैं। और लोकायुक्त के साथ मध्यप्रदेश पुलिस उसे पकड़ नहीं सकी। टीनू जोशी ने उदयपुर, ग्वालियर और दिल्ली में फरार रही थी। इन तीनों स्थानों के सरकारी अस्पताल में ही टीनू जोशी ने अपना इलाज भी कराया।

उदयपुर से सड़क मार्ग की जरिए टीनू डॉक्टर की टीम के साथ भोपाल के चिरायु अस्पताल पहुंची। इसके बाद टीनू ने कोर्ट में सरेंडर किया। उदयपुर के सरकारी अस्पताल ने ही अपनी रिपोर्ट में 14 जनवरी को टीनू का ऑपरेशन करने की बात कही है। आरोपी टीनू जोशी जमानत याचिका खारिज होने के बाद पुलिस ने कोर्ट के बंदीगृह में टीनू को दाखिल कराया गया।

इसके बाद पुलिस ने आरोपी टीनू जोशी को न्यायिक हिरासत में भोपाल सेंट्रल जेल भेज दिया। आपको बता दे कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर टीनू जोशी ने जिला कोर्ट में सरेंडर किया है।

पति को ढूंढना लोकायुक्त के लिए चुनौती
लोकायुक्त टीम ने 2010 में छापामार कार्रवाई कर टीनू जोशी और अरविंद जोशी के घर से करोड़ों की चल और अचल संपत्ति का खुलासा किया था। आय से अधिक सम्पत्ति मामले की आरोपी टीनू जोशी ने तो सरेंडर कर दिया है, लेकिन अभी भी टीनू के पति अरविंद जोशी फरार चल रहे हैं।

ऐसे में देखने वाली बात होगी कि क्या लोकायुक्त की टीम अरविंद को पकड़ने में सफल होता है या फिर टीनू की तरह फरारी काट रहा अरविंद जोशी भी नाटकीय ढंग से कोर्ट में सरेंडर करेगा।


भोपाल समाचार से जुड़िए
कृपया गूगल न्यूज़ पर फॉलो करें यहां क्लिक करें
टेलीग्राम चैनल सब्सक्राइब करने के लिए यहां क्लिक करें
व्हाट्सएप ग्रुप ज्वाइन करने के लिए  यहां क्लिक करें
X-ट्विटर पर फॉलो करने के लिए यहां क्लिक करें
फेसबुक पर फॉलो करने के लिए यहां क्लिक करें
समाचार भेजें editorbhopalsamachar@gmail.com
जिलों में ब्यूरो/संवाददाता के लिए व्हाट्सएप करें 91652 24289

#buttons=(Ok, Go it!) #days=(20)

Our website uses cookies to enhance your experience. Check Now
Ok, Go it!