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मंदसौर में मीनाक्षी खेमे में हड़बड़ाहट

मंदसौर। राहुल गांधी के रायशुमारी फार्मूले से मंदसौर संसदीय क्षेत्र के लिए उम्मीदवार का चयन का मामला अब रंग पकड़ता नजर आ रहा है ! हलचल मची है ! दो तरह की बाते कांग्रेसजनों में जोर पकड़ रही है ! एक तो ये कि मौजूदा सांसद मीनाक्षी मेडम को निर्विरोध उम्मीदवार बनने दिया जाए ताकि मौजूदा हालातों को वे ही भुगते! दूसरी सोच ये है कि उन्हें उम्मीदवार बनने से रोका जाए ताकि आगे से संसदीय क्षेत्र में उनका हस्तक्षेप समाप्त हो !

पूर्व मंत्री नरेन्द्र नाहटा और पूर्व जिला कांग्रेस अध्यक्ष सुरेन्द्र सेठी की उम्मीदवारी की संभावनाओं पर ई टीवी की ब्रेकिंग न्यूज के बाद सांसद मेडम के खेमें में घबराहट नजर आयी! ये खेमा मीनाक्षी मेडम की निर्विरोध उम्मीदवारी चाहते हुवे मतदान से परहेज करना चाहता है

नाहटाजी का नाम सामने आने के बाद तत्काल उस दिन मंदसौर में ही मौजूद सांसद मीनाक्षी मेडम उनसे मिलने उनके घर जा पहुंची! कुछ लोग कह रहे है, सांसद मेडम बीमार नाहटाजी से उनकी तबीयत पुछने गई थी! पर, जानकार लोग इसे हकीकत से परे बता रहे है ! कहा जा रहा है, नाहटाजी को उम्मीदवार बनने से रोकने के लिए वे मनाने पहुंची थी ! उनके साथ उनके करीबी माने जाने वाले हरदा के विधायक आर.के. दोगने भी थे !

जानकारों की माने तो विधानसभा चुनाव के दौरान नाहटाजी ने मंदसौर की नरेन्द्र मोदी की सभा में भाजपा में जाने का मन बना लिया था! तब भी वे नाहटाजी को मनाने उनके घर पहुंची थी तब बताते है, मेडम ने उन्हें भरोसा दिलाया था कि वे लोकसभा नहीं लडेंगी! संगठन का काम करेगी ओर लोकसभा के लिए नाहटाजी का रास्ता आसान बनायेगी! इतना सबकुछ होने पर नाहटाजी का भाजपा प्रवेश टल गया था !

नाहटाजी की ओर मीनाक्षी मेडम की वार्तालाप के बाद उम्मीदवारी को लेकर नाहटाजी के सुरताल तो बदले है ! पर, उनके भतीजे ओर लोकसभा क्षेत्र युवक कांग्रेस अध्यक्ष सोमिल नाहटा कुछ ओर ही कहते नजर आ रहे है ! एक तरफ दोगनेजी ये एलान कर चुके है कि मीनाक्षी मेडम उम्मीदवारी चयन की प्रक्रिया में हिस्सेदार बनेगी ओर दुसरी तरफ नाहटाजी अब देखेंगे! विचार करेंगे, जैसे जुमले बोलते नजर आ रहे है! उनकी भाषा से लग रहा है उन्हें सांसद मेडम से कोई ठोस भरोसा मिला है ! पर, उनका भतीजा सोमिल संभावित मतदाताओें से फोन पर संपर्क करता भी नजर आ रहा है ! ऐसे हालातों में नाहटाजी की उम्मीदवारी पर फिलहाल तो सशंय भी नजर आ रहा है !

मंदसौर से प्रदेश कांग्रेस के पदाधिकारी अनिल संचेती डॉन भी उम्मीदवारी की तैयारी करतेे नजर आ रहे है ! वे भी सांसद मेडम से खफा माने जाते है

इधर, पूर्व मंत्री नाहटाजी की उम्मीदवारी सामने आने ओर उसके बाद मीनाक्षी मेडम की उनसे लंबी बातचीत के बाद कांग्रेस के जागरूक माने जाने वाले लोगो में कई तरह की चर्चाएं हो रही है ! ऐसे लोग नाहटाजी की कार्यशैली को लेकर हैरतमंद है ! ऐसे जागरूक लोग कह रहे है, मीनाक्षी मेडम जब चुनाव लड़ने आयी थी तब नाहटाजी शारिरिक रूप स स्वस्थ होकर भले चंगे थे तब तो उन्होंने बीमारी का झूंठा बहाना बनाकर कांग्रेस के प्रचार अभियान से ही गायब हो गये थे ! अपून की सांसद मेडम ने तब उनसे व्यकितगत/ एसएमएस से मिन्नतें की थी ! पर वे काम करने के लिए राजी नहीं हÿवे! उनके अपने मनासा विधानसभा क्षेत्र में भी प्रचार करने को नही आये! तब उनके इस रवैये को लेकर ये भी कहा गया था कि अपना करोड़ो का कालेज बचाने के लिए उन्होंने भाजपा से टाईअप कर लिया है! काफी समय तक मेडम उनसे नाराज भी रही ! फिर मेड म की कृपा से वे पीसीसी के डेलीगेट' भी बन गये थे ! जब वे बीमार नहीं थे तब बीमार होने के नाम पर कांग्रेस/ मीनाक्षी मेडम का काम करने से परहेज कर गये थे ! पर, आज जब वे वास्तविक में बिमार है ! शारीरिक रूप से बेहद अस्वस्थ है ! इसी माह उनकी ऐंजोग्राफी हुई है ! डॉक्टरों ने उन्हें आराम की सलाह दी है ओर वे ऐसे हालातों में भी चुनाव लड़ने का मोह नहीं छोड़ पा रहे है ! इस उम्र में भी उन्हें लोकसभा की याद सताती नजर आ रही है!

कुछ लोग कह रहे है, कांग्रेस को अपनी पारिवारिक बपौती ही बनानी है तो नाहटाजी अपने भतीजे सोमिल को भी तो उम्मीदवार बना सकते है !

वो भी तो योग्य होकर अब लोकसभा क्षेत्र युवक कांग्रेस का अध्यक्ष भी तो है ! जो भी हो, बिस्तर पर आराम करने की अवस्था के दौरान भी अपून के नाहटाजी की राजनैतिक लालसा चौंकाने वाली तो है ! देखना है, क्या होता है !