डीईओ का एक और बैतूका आदेश: प्रचार्यों से अवकाश स्वीकृति के अधिकार प्रतिबंधित

shailendra gupta
भोपाल। शिवपुरी के जिला शिक्षा अधिकारी परीक्षा परिणाम सुधारने के नाम पर बेतुके आदेश देने के लिए कुख्यात होते जा रहे हैं। कुछ समय पहले उन्होंने शिक्षकों से अजीब तरह के शपथ पत्र भरवाए थे। अ​ब शिक्षा विभाग के तमाम अधिकारियों से अवकाश स्वीकृत करने के अधिकार छीन लिए हैं।

क्रमांक/परीक्षा/2014/1/3 दिनांक 7 जुलाई 2014 को जारी एक आदेश में शिवपुरी के जिला शिक्षा अधिकारी देशलहरा ने शिक्षण कार्य से जुड़े हाईस्कूल एवं हायर सेकेण्डरी स्कूलों के सभी कर्मचारियों के अवकाश प्रतिबंधित कर दिए हैं एवं उनके प्रभारी या रिपोर्टिंग आफीसर्स से सभी अधीनस्थ कर्मचारियों के अवकाश स्वीकृत करने के अधिकार वापस ले लिए हैं। आदेशित किया गया है कि अतिआवश्यक होने पर कर्मचारी सीधे जिला शिक्षा अधिकारी से संपर्क करे तभी अवकाश स्वीकृत किया जा सकेगा।

सनद रहे कि आवश्यक अवकाश एक कर्मचारी के मूलभूत अधिकारों में से शामिल होते हैं एवं उनका उपयोग वो आवश्यकतानुसार कर सकता है। जिन अव​काशों में अधिकारियों की स्वीकृति आवश्यक होती है उनको रोकने का अधिकार संबंधित अधिकारियों को होता है।

डीईओ देशलहरा ने इससे पूर्व एक अजीब प्रकार का शपथपत्र भी कर्मचारियों से भरवाया था जिसमें लिखा गया था कि यदि संबंधित कर्मचारी 60 प्रतिशत के कम परीक्षा परिणाम लाया तो होने वाली कार्रवाई उसे स्वीकृत होगी।

समझ नहीं आता, सर्विस बुक में मौजूद अधिकारों के अलावा ये अफसर दूसरों के अधिकारों पर अतिक्रमण क्यों करना चाहते हैं। पता नहीं क्यों परीक्षा परिणाम सुधारने के नाम पर खुद को हिटलर साबित करने पर तुले हुए हैं। मध्यप्रदेश के कई जिलो में कई अफसरों ने परीक्षा परिणामों में आश्चर्यजनक परिवर्तन लाए परंतु इस तरह के विवादित आदेश कभी जारी नहीं किए।

ये रहा वो आदेश जिसे जारी कर सिंघम बन गए डीईओ

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