शिवराज का चट छापा, पट सस्पेंड

shailendra gupta
भोपाल। जैसा कि दिल्ली में आप की सरकार जनता के द्वार पहुंची है, ठीक वैसे ही फॉर्म में मध्यप्रदेश सरकार उतर आई है।

शुक्रवार को मुख्यमंत्री दोपहर बाद अचानक कोलार नगर पालिका का निरीक्षण करने जा पहुंचे थे। यहां उन्हें ढेर-सारी अव्यवस्थाएं देखने को मिली थीं। मुख्यमंत्री ने इस गड़बड़ी पर सीएमओ राजेश श्रीवास्तव, उपयंत्री प्रदीप शुक्ला सहित कुछ अन्य कर्मचारियों को शनिवार सुबह निलंबित कर दिया। इस कार्रवाई के बाद दफ्तरों में हड़कंप की स्थिति निर्मित हो गई है।

जब सीएम पहुंचे, तब अफसर पार्टी मना रहे थे

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान जब अचानक कोलार नगर पालिका के दफ्तर पहुंचे, तब वहां के अफसर नये साल की पार्टी मनाने गेहूखेड़ा के किसी फार्म हाउस पर गए हुए थे। सीएम ने वहां बिल्डिंग परमिशन में आवक-जावक रजिस्टर चेक किए, तो ढेरों फाइलें लंबित पड़ी हुई थीं।

दरअसल, यहां परमिशन के एवज में पैसे मांगे रहे थे। इसकी शिकायत प्रेम नारायण दोषी नामक एक व्यक्ति ने की थी। प्रेमनारायण का अकबरपुर में मकान है, वे उस और निर्माण की परमिशन चाहते थे, लेकिन मामला लटकाकर रखा गया था। मुख्यमंत्री के जाने के बाद अफसर रात 9 बजे तक रिकार्ड खंगालते रहे।


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