भोपाल। व्यावसायिक परीक्षा मंडल के घोटाले को दबाने के लिए सरकार एसटीएफ प्रभारी पर दबाव बना रही है। ऐसी स्थिति में या तो वे अपने पद से इस्तीफा दे देंगे या फिर केंद्र में प्रतिनियुक्ति पर चले जाएंगे।
विधानसभा परिसर में पत्रकारों से चर्चा करते हुए नेताप्रतिपक्ष सत्यदेव कटारे ने कहा कि सदन में राज्यपाल के अभिभाषण में कुछ भी नया नहीं है। राज्य सरकार ने अपने पांच साल के दृष्टि पत्र को अभिभाषण में परिवर्तित किया है। अभिभाषण में नौजवानों को यह तक आश्वासन नहीं दिया गया कि सरकार आगे व्यापमं जैसा घोटाला नहीं होने देगी।
कटारे ने कहा कि जनता ने भाजपा को सत्ता सौंपी है और इन्हें जगाए रखने के लिए हमें विपक्ष में रखा है। हम अपने इस धर्म को ईमानदारी से निभाएंगे। भाजपा की गलत नीतियों के विरोध में कांग्रेस स़़डक पर उतरेगी।
दागी अफसरों पर मेहरबानी
व्यापमं के जिस घोटाले में तकनीकी शिक्षा विभाग की अपर मुख्य सचिव अजिता पांडे के पति अमित पांडे का नाम सामने आया है। इसके बावजूद राज्य सरकार ने उन्हें उसी विभाग का मुखिया बनाए रखा है।
उपनेता प्रतिपक्ष का फैसला जल्द
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि बाला बच्चन वर्तमान में एआईसीसी के सचिव हैं। यह पद नेता प्रतिपक्ष से ब़़डा है। हाईकमान से बात की जाएगी, यदि वे एक व्यक्ति को दो पद धारण करने की अनुमति देते हैं तो बच्चन का नाम उप नेता प्रतिपक्ष के लिए ब़़ढाया जा सकता है। उप नेता प्रतिपक्ष का चयन जल्द ही हो जाएगा।
कटारे ने जानकारी दी कि पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह का दिल्ली जाने का कार्यक्रम निर्धारित था, इसलिए वे गुरुवार को सदन में नहीं आए हैं। कांग्रेस एक है उसमें कोई फूट नहीं है।