व्यापमं घोटाला: सरकार नहीं देगी तो हाईकोर्ट से ले आएंगे सीबीआर्इ् जांच के आदेश

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भोपाल। राज्यपाल के अभिभाषण की चर्चा के दौरान विपक्षी दल कांग्रेस ने व्यापमं घोटाले पर सत्तापक्ष को घेरने की कोशिश की। नेता प्रतिपक्ष सत्यदेव कटारे ने एसटीएफ की पड़ताल पर सवाल खड़े करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री इस मामले की जांच सीबीआई को सौंपे, वरना कांग्रेस हाईकोर्ट से सीबीआई जांच के आदेश लेकर आएगी।

उन्होंने यह भी जोड़ा कि जिन छात्रों को गवाह बनाना चाहिए था, उन्हें फर्जी और संदिग्ध बताकर जेल में डाल दिया गया, जबकि दोषी डॉ. भंडारी और अधिकारी विदेश में घूम रहे हैं।

कटारे जब भाषण दे रहे थे, तब दोनों पक्षों की ओर से जमकर शोर-शराबा किया गया। सत्तापक्ष की टीका टिप्पणी पर कटारे ने यहां तक कह दिया कि आप कार्रवाई को विलोपित तो करा सकते हैं, लेकिन कटारे को विलोपित नहीं करा पाएंगे। चेहरे से नकाब उतरता है तो दर्द होना स्वाभाविक है।

कटारे के इस तल्ख अंदाज पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने पलटवार किया कि नकाब है ही नहीं तो उतरेगा कैसे? आप अपनी बात कहिए। जब मैं बोलूंगा तो एक-एक बात का जवाब मिलेगा। विपक्ष के विधायक जयवर्धन सिंह, हरदीप सिंह डंग, जीतू पटवारी, सुखेंद्र सिंह बना आदि ने भी व्यापमं घोटाले की जांच सीबीआई को सौंपे जाने की बात की।

कटारे ने कहा कि व्यापमं घोटाले में चाहे कांग्रेस या भाजपा नेता की संलिप्तता हो, उन्हें पकड़कर जेल में डाला जाए। उन्होंने मुख्यमंत्री पर भी आरोप लगाया कि 2009 में चिकित्सा शिक्षा विभाग स्वयं के पास होते हुए भी उन्होंने सदन में विधायकों के प्रश्नों को गलत जवाब दिए।

व्यापमं की आरटीआई लगाने वाला लापता

-व्यापमं घोटाले की जांच की पहल सरकार ने नहीं की। जहांगीराबाद निवासी एमए ताजवाह ने सबसे पहले सूचना के अधिकार में इस मामले का खुलासा किया। तजवाह व उनका परिवार गायब है। मुख्यमंत्री उसका पता लगाएं। कहीं इस परिवार की हत्या तो नहीं हो गई। एक पत्रकार राजेंद्र कुमार ने भी आत्महत्या की और 23 पेज का सुसाइड नोट दिया। इसमें भी कई खुलासे हैं।

-एसटीएफ को जांच में सहयोग ही नहीं मिल रहा। फिर भी 92 हजार पेज की चार्जशीट तैयार हो रही है।

-चर्चा के दौरान पेश किए गए दस्तावेजों की प्रामाणिकता पर मंत्री गौरीशंकर शेजवार ने सवाल खड़े किए तो कटारे ने कहा, शर्म करें और बैठ जाएं। क्या नेता प्रतिपक्ष से दस्तावेजों का प्रमाणीकरण मांगा जाएगा।

नेता प्रतिपक्ष-परिवहन मंत्री में नोक-झोंक

पूर्व विधायक अरुणोदय चौबे पर हत्या का प्रकरण दर्ज किए जाने के मामले को उठाते समय कटारे और परिवहन मंत्री भूपेंद्र सिंह के बीच तीखी नोक-झोंक हुई। कटारे ने चौबे का बचाव करते हुए क्षेत्रीय मंत्री पर शह देने का आरोप लगा दिया। इस पर भूपेंद्र सिंह ने कहा कि चौबे ने स्वीकार किया है कि गोली उन्होंने चलाई है। भैयाराम दांगी की मौत हो गई और तीन घायल हैं। नेता प्रतिपक्ष हत्या का राजनीतिकरण न करें। कहा-सुनी तेज हुई तो भूपेंद्र सिंह ने कहा कि यदि चौबे दोषी नहीं पाए गए तो वे मंत्री पद छोड़ देंगे। नेता प्रतिपक्ष ने इस पर एक टिप्पणी कि जिसे विलोपित करा दिया गया।

जैसे आदमी ने अपने बच्चे को खा लिया : नायक

कांग्रेस विधायक मुकेश नायक ने विपक्ष की तरफ से राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा की शुरुआत करते हुए कहा कि चारा घोटाले में तो आदमी ने चारा खाया था, व्यापमं घोटाले में आदमी ने अपने बच्चों को ही खा लिया है। उनका भविष्य खराब कर दिया। 78 लाख से अधिक बच्चे व्यापमं की विभिन्न नियुक्ति परीक्षाओं में बैठे, करोड़ों रुपए उनसे फीस वसूली। इसके बाद नौकरी उनको मिली जिन्होंने मोटी रकम दी। यही स्थिति पीएमटी में रही। आपके आसपास बैठे लोगों ने अपने बच्चों को इस परीक्षा में बैठाया।

इसके पूर्व भाजपा विधायक शंकरलाल तिवारी ने कृतज्ञता ज्ञापन प्रस्तुत करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने चुनाव से पहले ही पांच साल के विकास का खाका तैयार कर लिया था। शपथ के साथ इसका क्रियान्वयन भी शुरू कर दिया है। लालसिंह आर्य, यशपाल सिसौदिया, विश्वास सारंग, कुंवर विक्रम सिंह और दुर्गालाल विजय ने भी चर्चा में भाग लिया।

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