छत्तीसगढ़ में भी उठ गई सिंधिया की मांग

shailendra gupta
भोपाल। बिलासपुर में एनटीपीसी सीपत के लोकार्पण समारोह में पहुंचे ज्योतिरादित्य सिंधिया वहां आकर्षण का केन्द्र रहे। लोग उनमें उनके पिता स्व. माधवराव सिंधिया का अक्स देख रहे थे और शायद इसी के साथ कांग्रेस का वो टारगेट भी अचीव हो गया जिसके लिए यह आयोजन तय किया गया था।

छत्तीसगढ़ में कांग्रेसियों के सामूहिक नरसंहार के बाद वहां कांग्रेस का कोई बड़ा नामलेवा नेता नहीं बचा। एक अकेले जोगी के सहारे कांग्रेस को चलाना मुश्किल हो रहा है। हाईकमान बहुत परेशान है। पिछले दिनों दिग्विजय सिंह ने छग में एक्टिव होने की कोशिश की थी परंतु दिग्विजय सिंह अब फ्रीलांसिंग से ज्यादा कुछ करने की स्थिति में नहीं रह गए हैं। क्षेत्रीय राजनीति तो कम से कम उनके लिए शेष रही ही नहीं।

मध्यप्रदेश में हाईकमान का सिंधिया प्रयोग काफी सफल रहा। हालांकि कांग्रेसी कुनबे में अभी भी कलह जारी है लेकिन सिंधिया फेक्टर ने पब्लिक में अच्छा मैसेज भेज दिया है और कांग्रेस एक बार फिर चर्चा में आ गई है। इधर शिवराज सिंह चौहान जैसा लोकप्रिय नेता भी सिंधिया के आने से घबरा गया है।

शायद इसीलिए छग में भी हाईकमान में सिंधिया को सामने लाने की योजना बनाई है। इसी के तहत पिछले दिनों उन्हें प्रधानमंत्री के साथ एनटीपीसी सीपत के लोकार्पण में भेजा गया और ना केवल भेजा गया बल्कि मंच पर कुछ इस तरह स्थान दिया गया कि लोगों की नजरें बस वहीं पर टिक जाएं। हुआ भी वही और इस आयोजन के बाद सिंधिया छत्तीसगढ़ में भी हीरो बनकर सामने आ गए।

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