CNN-IBN और The Hindu के सर्वे में शिवराज नंबर 1 मोदी नंबर 3

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नई दिल्ली। बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजनाथ सिहं कई बार कह चुके हैं कि पार्टी में नरेंद्र मोदी सबसे लोकप्रिय नेता हैं। उन्होंने यहां तक कहा है कि मोदी में नैशनल अपील है और देश के सबसे लोकप्रिय नेता हैं। हालांकि सीएसडीएस-सीएनएन आईबीएन और द हिन्दू का सर्वे कुछ और ही कहता है।

गुजरात में 64 पर्सेंट लोगों ने कहा कि वह मोदी राज से संतुष्ट हैं। जबकि मध्य प्रदेश में 82 फीसदी वोटर्स मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के शासनकाल से खुश हैं। यहां तक कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री रमन सिंह से भी 75 पर्सेंट वोटर्स खुश हैं। यह सर्वे राजनाथ सिंह की धारणा के उलट है। मोदी अपने राज्य में भी मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री रमन सिंह की बराबरी नहीं कर पाए।

सर्वे के मुताबिक आज की तारीख में चुनाव होता है तो गुजरात में नरेंद्र मोदी के सामने कांग्रेस के पास हथियार डालने के अलावा कोई विकल्प नहीं है। वहीं पड़ोसी राज्य महाराष्ट्र में फिलहाल बीजेपी-शिव सेना गठबंधन जहां था वहीं खड़ा है।

गुजरात में हर तरफ नरेंद्र मोदी का जलवा है। लोकसभा चुनाव अभी होता है तो गुजरात में बीजेपी के वोट पर्सेंटेज में 9 फीसदी का ईजाफा होगा और 2009 के मुकाबले 47 पर्सेंट से 56 फीसदी तक पहुंच जाएगा। मोदी की बढ़ती लोकप्रियता से बीजेपी को गुजरात में 20-24 सीटों पर कामयाबी मिल सकती है। 2009 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी को 15 सीटों पर कामयाबी मिली थी। कांग्रेस को महज 2-6 सीटों पर संतोष करना पड़ेगा।

मोदी को पीएम उम्मीदवार के तौर पर पेश करना सही है?
गुजरात में 49 फीसदी लोगों ने कहा हां, 24 फीसदी ने कहा ना जबकि 27 फीसदी की कोई राय नहीं है। जबकि देश भर में 41 फीसदी ने कहा हां, 22 फीसदी ने कहा ना और 37 फीसदी की कोई राय नहीं थी।

मोदी अगर पीएम बन जाते हैं तो गुजरात का मुख्यमंत्री किसे बनना चाहिए?
9 फीसदी ने कहा अमित शाह को, 7 फीसदी ने कहा आनंदी बेन पटेल, 4 फीसदी ने कहा केशुभाई पटेल तो 2 फीसदी ने कहा शंकर सिंह वाघेला, 10 फीसदी लोग अलग-अलग नेताओं के नाम लिए तो 61 फीसदी कोई राय जाहिर नहीं कर पाए।

सीएसडीएस-सीएनएन आईबीएन और द हिन्दू के सर्वे से साफ होता है कि महाराष्ट्र और गुजरात में 2009 की ही स्थिति कायम रहेगी। 2009 में महाराष्ट्र में कांग्रेस-एनसीपी गठबंधन को 39 पर्सेंट वोट मिला था लेकिन जुलाई 2013 में लोकसभा का चुनाव होता है तो इस गठबंधन के वोट पर्सेंटेज में 4 पर्सेंट का ईजाफा होगा। हालांकि सीटों की संख्या में कुछ खास फर्क नहीं पड़ने वाला है। अभी लोकसभा चुनाव होता है तो इस गठबंधन के खाते में 23-27 सीटें जाएंगी। 2009 के आम चुनाव में कांग्रेस-एनसीपी गठबंधन को 25 सीटें मिली थीं। शिव सेना-बीजेपी गठबंधन को 18-22 सीटें मिलेंगी। वहीं राज ठाकरे की एमएनएस को 0-2 या 0-4 सीटें मिल सकती हैं।

इस सर्वे में 34 फीसदी लोगों ने कहा कि कांग्रेस-एनसीपी गठबंधन जारी रहना चाहिए। वहीं 20 पर्सेंट लोगों ने कहा कि दोनों पार्टियों को लोकसभा चुनाव अलग-अलग लड़ना चाहिए। दूसरी तरफ 55 फीसदी लोग चाहते हैं कि बीजेपी और शिव सेना को लोकसभा चुनाव साथ मिलकर लड़ना चाहिए। वहीं 70 पर्सेंट लोग चाहते हैं कि राज ठाकरे और ऊद्धव ठाकरे को साथ मिलकर चुनाव लड़ना चाहिए। इस सर्वे में सबसे चौंकाने वाली बात यह सामने आई कि 48 पर्सेंट लोग राज ठाकरे में बाल ठाकरे की छवि देखते हैं। इन्हें लगता है कि बाल ठाकरे की विरासत को राज ठाकरे ही आगे ले जा सकते हैं। वहीं महज 18 पर्सेंट लोग ही उद्धव ठाकरे में बाल ठाकरे की छवि देखते हैं।

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