भोपाल। मप्र के वे छात्र जो राष्ट्रीय पात्रता परीक्षा (नेट) पास नहीं कर पाते, उन्हें अब निराश होने की जरुरत नहीं है। नेट के अलावा उनके पास अब प्रदेश स्तरीय पात्रता परीक्षा (स्लेट) पास करने का मौका रहेगा। इसके लिए शासन स्तर पर तैयारियां शुरू हो चुकी हैं।
स्लेट इसी साल आयोजित किए जाने की संभावना जताई जा रही है, लेकिन अभी तारीख तय नहीं है। राज्य शासन द्वारा यूजीसी के निर्देशानुसार प्रदेश स्तरीय एजुकेशनल टेस्ट (स्लेट) करवाने के लिए तीन समितियों का गठन किया गया है। गौरतलब है कि स्टेल प्रदेश के विभिन्न विवि व कॉलेजों में लैक्चर बनने की पात्रता के लिए आयोजन होता है।
ये परीक्षा मप्र में पिछले आठ साल से आयोजित नहीं हुई है। स्टेल परीक्षा के लिए गठित की गई समितियो में परीक्षा संबंधी प्रारंभिक नीति निर्माण के लिए प्रत्यायन समिति, प्रत्येक विषय में कट-आॅफ मार्क निर्धारित करने के लिए मॉडरेशन समिति तथा परीक्षा एवं परीक्षा परिणाम घोषित करने के लिए स्टीयरिंग समिति का गठन किया गया है। इन समितियों का कार्यकाल तीन साल का होगा। प्रत्यायन समिति का अध्यक्ष जीवाजी विवि के कुलपति प्रो. एम. किदवई को बनाया गया है।
सदस्य सचिव देवी अहिल्याबाई के रूप में और सदस्य सचिव प्रो. डीपी सिंह बनाए गए हैं। वहीं बीयू की कुलपति प्रो. निशा दुबे के साथ अन्य विवि के कुलपति इसमें सदस्य रहेंगे। मॉडरेशन समिति की अध्यक्ष यूजीसी की पूर्व सदस्या डॉ. शशि राय और सचिव का व्यापम के परीक्षा नियंत्रक को बनाया गया है। स्टीयरिंग समिति में भी अध्यक्ष का पद डॉ. शशि राय को सौंपा गया है।