सरकारी कॉलेजों तक ही लिमिटेड क्यों है लक्ष्मण सिंह गौड़ स्मृति पुरस्कार

भोपाल। प्राइवेट कॉलेजों के प्रतिभावान विद्यार्थी, प्रोफेसर व प्राचार्यस्व. लक्ष्मण सिंह गौड़ स्मृति पुरस्कार सम्मान को लेकर सरकार की नीतियों का विरोध जाता रहे हैं। निजी कॉलेजों के प्राचार्यों का कहना है कि उच्च शिक्षा के क्षेत्र में प्रतिभाओं के चयन में शासन ने भेदभाव का रवैया अपना रहा है।

गौरतलब है कि उच्च शिक्षा विभाग द्वारा पिछले दो वर्षों से उच्च शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने पर दिवंगत शिक्षा मंत्री लक्ष्मण सिंह गौड़ की स्मृति में पुरस्कार दिए जा रहे हैं। एक ओर जहां सरकार द्वारा प्रदेश के उत्कृष्ट विद्यार्थियों, प्रोफेसरों व प्राचार्यों को सम्मानित की करने की इस महत्वकांक्षी योजना के कसीदे गढ़ेजा रहे हैं। वहीं, निजी कॉलेजों में इस योजना को लेकर निराशा है।

दरअसल, इस योजना में प्रदेश के सरकारी कॉलेजों के नियमित विद्यार्थियों, प्रोफेसरों व प्राचार्यों को शामिल किया गया है। वहीं निजी कॉलेजों के विद्यार्थियों, प्रोफेसरों व प्राचार्यों को शामिल नहीं किया गया है।

योजना में शामिल करने को लेकर निजी कॉलेजों द्वारा मांग की गई है। अभी तक नहीं हुआ समारोह गौरतलब है कि उच्च शिक्षा विभाग द्वारा विद्यार्थियों, प्रोफेसरों व प्राचार्यों को प्रोत्साहित करने स्व. लक्ष्मण सिंह गौड़ स्मृति पुरुस्कार योजना को शुरू हुए दो वर्ष हो गए हैं। विभाग द्वारा उच्च शिक्षा में उत्कृष्ट कार्य करने वालों का चयन भी किया जा चुका है, लेकिन सम्मान समारोह का आयोजन नहीं हो सका है। इधर, विभाग द्वारा सत्र 2012-13 के लिए भी आवेदन आंमत्रित कर लिए गए हैं।
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