इंदौर। कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव दिग्विजय सिंह के महाराष्ट्र एटीएस से संबध थे। वे एटीएस चीफ हेमंत करकरे से रोज बात करते थे। यह बात वे खुद कबूल चुके हैं। इसी दौरान दिलीप पाटीदार गायब हुआ है, इसके पीछे दिग्विजय सिंह का हाथ है। अगर हेमंत करकरे जिंदा होते तो शायद उनके खिलाफ भी प्रकरण दर्ज हो जाता।
भारतीय सुरक्षा परिषद मानव अधिकार के वकीलों ने शनिवार को पत्रकारवार्ता में कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह पर ये आरोप लगाए। परिषद के सदस्य और पंजाब के एडीशनल एडवोकेट जनरल अनिल सोनी ने कहा कि दिग्विजय सिंह अपना मानसिक संतुलन खो चुके हैं। उन्हें अपना इलाज करवाना चाहिए। दिग्विजय खुद कबुल चुके हैं कि वे करकरे से बात करते थे।
मध्यप्रदेश का एक नेता महाराष्ट्र एटीएस के अधिकारी से क्या बात करता था, ये जांच का विषय है। इंदौर से लापता दिलीप पाटीदार के संबध में उन्होंने कहा उसके लापता होने के पीछे दिग्विजय सिंह का हाथ है। एटीएस दिग्विजय के इशारे पर काम करती थी। सोनी ने कहा कि अब एनआईए दिग्विजय सिंह के इशारे पर काम कर रही है।
एक परिषद के महासचिव और वकील जेपी शर्मा ने कहा कि वर्तमान में एनआईए सीबीआई की बी टीम के रूप में काम कर रही है। वह जांच के नाम पर आतंक मचा रही है।
इससे पहले इंदौर और आसपास के इलाकों से एनआईए और एटीएस के द्वारा हिरासत में लिए गए लोगों के परिजन गांधी हॉल से प्रेस क्लब तक एक रैली के रूप में आए। इस दौरान साध्वी प्रज्ञा सिंह, दिलीप पाटीदार, लोकेश शर्मा और राजेंद्र सिंह के परिजन भी मौजूद थे।