भोपाल। व्यापमं चल रही अनेक धांधलियों के बीच राज्य सरकार इसे मिनी पीएससी का दर्जा देने जा रही है। इसके लिए मप्र कनिष्ठ सेवा परीक्षा नियम में संशोधन किया जा रहा है। इस संशोधन के तहत सीधी भर्ती के रिक्त पदों को व्यापमं के माध्यम से भरने का निर्णय लिया जाएगा।
सोमवार को होने वाली कैबिनेट की बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी मिलने की संभावना है। हाल ही में लोकार्पित हुए राज्य जनजातीय संग्रहालय में सुबह 11 बजे कैबिनेट होगी।
दीनदयाल शोध संस्थान को 50 लाख मिलेंगे
बैठक में नईदिल्ली स्थित दीनदयाल शोध संस्थान को 50 लाख देने पर भी निर्णय लिया जाएगा। यह राशि मुख्यमंत्री स्वैच्छानुदान मद से दी जाएगी। मंत्रालय में पदस्थ अपर सचिव, उप सचिव, अवर सचिव तथा स्टाफ आफीसर के वेतन में विशेष वृद्धि के प्रस्ताव तथा तिलहन संघ का भविष्य निर्धारित करने गठित सब कमेटी की अनुशंसा पर विचार होगा।
लोकायुक्त में वरिष्ठ लेखाधिकारी का पद निर्मित करने, संभागीय सतर्कता समिति के अध्यक्ष और सदस्यों में मानदेय में वृद्धि, मप्र सरकार न्यायालीयन प्रकरणों में विशेषकर हाईकोर्ट सुप्रीम कोर्ट में लंबित मामलों में राज्य प्रशासनिक सेवा अफसरों द्वारा को-आर्डीनेटर का काम करने, एडवांस मेडिकल साइंस इंस्टीट्यूट को को ग्राम इनायत पुरा में आवंटित भूमि प्रकरण में समयवृद्धि,
लोनिवि में सहायक यंत्री के सीधी भर्ती के पदों को 25 से बढ़ाकर 50 प्रतिशत करने, 39 जिला न्यायालयों में कुंटुब न्यायालयों की स्थापना, परीबाजार में पुर्नघनत्वीकरण योजना तथा निजी विवि स्थापना के लिए भूमि आवंटित करने नीति पर कैबिनेट के एजेंडे में शामिल हैं।