चंदवासा/मंदसौर (जगदीश सिसोदिया) यू तो मप्र के मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रदेश के हर एक वर्ग को कुछ ना कुछ तोहफा जरूर दिया हैं ओर उनकी समस्या भी सुनी गई शासन की ओर से जनता के लिए काफी योजनाए भी चलाई गई! लेकिन मात्र एक वर्ग ऎसा है! जिसकी ओर मुख्यमंत्री श्री चौहान ने अभी तक कोई रणनिती नही बनाई है।
वो वर्ग है अथिति शिश्रको का जो की माननिय मुख्यमंत्री श्री चौहान से एक आसा भरी आस लगाये बैठे हे। कि प्रदेश के मुखिया हमे भी कोई तोहफा देकर हमारे जिवन मे खुशिया भर देगा। इसी आस को लेकर अथिति शिश्रक जितोड मेहनत कर रहै। ओर तन-मन से अपनी सेवाऎ दे रहे है। तथा इनको वेतन भी नाम मात्र का मिलता हे, इस अल्प वेतन ग्रह लगा हुआ है।
कारण रविवार ओर अन्य छुट्टियो का वेतन काटा जाता है। ओर तो ओर गर्मियो की छुट्टियो मे तो अथिति शिश्रको को दो माह का वनवास भी दिया जाता है। यानी इन्हे दो महिने से स्कूलो से निकाल दिया जाता है। अब तो इनके उपर गाज गिर गई हे, क्यो कि संविधा शिश्रको की भर्ती हो गई हे। 5-6 सालो से शासकीय स्कूलो मे अपनी सेवाऎ देने वाले अथितियो का भविस्य उजडा- उजडा सा नजर आ रहा हे। संविधा की भर्ती ने अथितियो की कमर ही तोड डाली हे। ये ना तो घर के रहे,ना घाट के अब ये कहा जाये ओर किसकी शरण ले।
अथिति शिश्रक के तहसील अध्यश्र श्री महेश कुमार गुप्ता ने इस प्रतिनिधि को बताया कि मे भी पाँच सालो से पढा रहा था। पंरतु स्थाई टीचर आने के वजह से मेरी सेवा समाप्त हो गई है। ऎसी गाज हजारो टीचरो पर गीरी हे, ये सब बैरोजगार हो गये हे। अब साल यह उठता हे,की क्या प्रदेश के मुखिया इनका कुछ करेगा, या फिर संविधा मे पात्रता देगा। क्यो कि लगभग सभी वर्ग शिवराज के राज खुश हे, शिवाय अथिति शिश्रको के , इनकी लम्बे समय से मांग चल रही हे कि हमे स्थाई कर दिये जाये ताकी हमारा भविष्य बन जाये।
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