भोपाल(कैलाश विश्वकर्मा)। मप्र सरकार ने तो ग्रामीण क्षेत्रों में संविदा शिक्षक भर्ती प्रक्रिया का पहला चरण प्रारंभ कर दिया किन्तु शहरी क्षेत्रों में भर्ती प्रक्रिया प्रारंभ नहीं की यह कह कर भर्ती करने से साफ मना कर दिया की इन पर ग्रामीण क्षेत्रो में कार्य कर रहे शिक्षकों का स्थानांतरण किया जायेगा जबकि सरकार ने स्थानांतरण प्रक्रिया भी पूरी कर ली है।
राज्य सरकार ने ही नियम बनाया है की 50 प्रतिशत से सीधी भर्ती एवं 50 प्रतिशत से पदोन्नति की जाएगी| किन्तु अभी भी कई पोस्ट ख़ाली है और उन्हें सरकार ख़ाली रख रही है इस प्रकार सरकार शहरी क्षेत्रो में अध्यनरत स्कूली छात्रो के जीवन के साथ खिलवाड़ कर रही है|
ग्रामीण क्षेत्रो से सरकार ने जो अभी तक शिक्षको का प्रमोसन किया है उन्हें ग्रामीण क्षेत्रो में भेज गया है और जो शहरी क्षेत्रो के शिक्षक यानि नगरीय निकाय में जो पदोन्नति की गई है उन्हें नगरीय निकाय में भेज गया है| अभी कई शहरी क्षेत्रो में ख़ाली है सरकार इन पोस्ट पर कब भारती प्रक्रिया शुरू करेगी क्योकि इनमे अभी तक शिक्षकों के पोस्टिंग की कोई बात सरकार नहीं कर रही है, जबकि सभी नगरीय निकायों के स्कूलों से अतिथि शिक्षक के लिए विज्ञापन निकले जा रहे है|
सरकार से अनुरोध है की जल्द से जल्द इन पदों पर भी भर्ती प्रक्रिया पारंभ करे, जिससे शिक्षक बनने की आशा लगाये बैठे हजारो प्रशिक्षित अभ्यर्थी रोजगार पा सके| सरकार ने जो सोचा था की ग्रामीण क्षेत्रो के शिक्षक शहरी क्षेत्रो में आएंगे अतः जिन्हें आना था वो आ गए अब शेष पोस्ट पर भर्ती प्रक्रिया प्रारंभ कर देना चाहिए|