बिना कुछ दिए अध्यापकों से तालियां पिटवाएंगे शिवराज: सिंधिया

भोपाल। ज्योतिरादित्य सिंधिया की फेसबुक वॉल पर पोस्ट किया गया है कि भावनात्मक भाषणों से लोकप्रियता हासिल करने वाले मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अध्यापकों के बीच राज्य शिक्षा सेवा के गठन की ऐसी चाल चली है जिसकी न कोई आलोचना कर सकता है और न ही उसे पचा सकता है।

सरकारी विज्ञप्ति के अनुसार अध्यापक संगठनों की सहमति से गठित किए गए राज्य शिक्षा सेवा को इस क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव के रूप में प्रचारित किया जा रहा है। राज्य शिक्षा सेवा के गठन के बाद अध्यापकों की समान काम का समान वेतन की मांग हाशिए पर जाती हुई दिखाई दे रही है।

सरकार का यह कदम ठीक उसी तरह का है, जिस तरह उसने 2005 के शिक्षाकर्मियों के आंदोलन से पैदा हुए असंतोष को खत्म करने के लिए कर्मी कल्चर खत्म करने का ऐलान किया था और शिक्षाकर्मियों को अध्यापक बना दिया था। आज जब अध्यापक यह कह रहे थे कि उनकी निगरानी पंचायत के अनपढ़ सरपंच, कम पढ़े लिखे सचिव या गांव के दीगर छुटभैया नेता करते हैं तो उनके सम्मान को ठेस पहुंचती है।

सरकार ने अध्यापकों के सम्मान की खातिर राज्य शिक्षा सेवा का गठन कर अध्यापकों की निगरानी के लिए एक नया तंत्र बना दिया है यानि पहले से निगरानी कर रहे नगरीय निकाय एवं पंचायतों के साथ-साथ अब राज्य शिक्षा सेवा की नजरें भी उन पर रहेंगी। राज्य शिक्षा सेवा के गठन के बाद मुख्यमंत्री का भाषण और भावनात्मक हो जाएगा।

अभी तक वे कर्मी कल्चर खत्म कर तालियां बजवाते थे, अब राज्य शिक्षा सेवा के गठन के नाम पर तालियां पिटवाएंगे। यही हैं शिवराज, जो बिना कुछ दिए, सब कुछ ले लेना चाहते हैं यानि तीसरी बार के लिए एक और भावनात्मक दांव..!


भोपाल समाचार से जुड़िए
कृपया गूगल न्यूज़ पर फॉलो करें यहां क्लिक करें
टेलीग्राम चैनल सब्सक्राइब करने के लिए यहां क्लिक करें
व्हाट्सएप ग्रुप ज्वाइन करने के लिए  यहां क्लिक करें
X-ट्विटर पर फॉलो करने के लिए यहां क्लिक करें
फेसबुक पर फॉलो करने के लिए यहां क्लिक करें
समाचार भेजें editorbhopalsamachar@gmail.com
जिलों में ब्यूरो/संवाददाता के लिए व्हाट्सएप करें 91652 24289

#buttons=(Ok, Go it!) #days=(20)

Our website uses cookies to enhance your experience. Check Now
Ok, Go it!