राधेश्याम मारू। पत्रकार श्रद्धा-निधि नाम तो बड़ा सम्मानजनक लगता है परंतु शर्तें कुछ ऐसी हैं कि केवल वही पत्रकार पूरी कर पाए जो गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन कर रहे हों, उन्हें प्रेस से वेतन मिलता हो और वो अधिमान्य भी हों।
कुल मिलाकर शर्तें कुछ ऐसी कि 'पत्रकार श्रद्धा-निधि' एक ऐसी गाजर के रूप में पत्रकारों के सामने लटकी रहे जिसे लपकना नामुमकिन हो परंतु दिखाई हमेशा दे।
म.प्र. के मुख्यमंत्री शिवराजसिह चैहान मिशन 2013 के पूर्व नित्य नई-नई योजनाओ से हर वर्ग के मतदाताओ को रिझाने मे लगे हुई है। पहले मुख्यमंत्री निवास पर गरीबो की महापंचायत, हाथठेला वालो की महापंचायत, एनजीओ महापंचायत आदी-आदी महापंचायत के बाद अब जन आर्शिवाद।
सभी तरह के मतदाताओं को रिझाते-रिझाते पत्रकारों के लिए महापंचायत आयोजन की घोषणा, अब वरीष्ठ व बुजर्ग पत्रकारो के नाम पर पत्रकार श्रद्धा-निधि योजना लागू कर पत्रकार कुनबे को भी रिझाने का काम कर रहे है।
यह है पत्रकार श्रद्धा-निधि के नियम शर्ते
राज्य शासन ने मध्यप्रदेश में पत्रकारिता करने वाले वरिष्ठ और बुजुर्ग पत्रकारों के लिये श्रद्धा-निधि योजना प्रारम्भ की है। श्रद्धा-निधि के लिये निर्धारित प्रपत्र में आवेदन 17 अगस्त 2013 तक जनसंपर्क संचालनालय की पत्रकार कल्याण शाखा में सीधे ही, अथवा 10 अगस्त 2013 तक जिला जनसम्पर्क कार्यालय मंदसौर में जमा किये जा सकते हैं।
यह श्रद्धा-निधि ऐसे पूर्णकालिक अधिमान्य पत्रकार को प्रदान की जायेगी, जो किसी दैनिक व साप्ताहिक समाचार-पत्र में कम से कम से कम बीस वर्ष तक सवैतनिक कार्य करते रहे हों और उनकी आयु 1 जुलाई, 2013 की स्थिति में 62 वर्ष हो। उन्हें प्रतिमाह 5 हजार रुपये श्रद्धा-निधि के रूप में देने का निर्णय लिया गया है।
श्रद्धा-निधि प्रारंभ में 5 वर्ष के लिये दी जायेगी। योजना के अनुसार श्रद्धा-निधि केवल उन पत्रकारों को दी जायेगी, जिन्हें राज्य शासन से कोई अन्य नियमित सहायता प्राप्त नहीं हो रही हो। अधिमान्य पत्रकार को यह शपथ-पत्र देना होगा कि वह आयकर दाता की श्रेणी में नहीं आता। यह पात्रता उन अधिमान्य पत्रकारों को होगी, जो जनसंपर्क संचालनालय मध्यप्रदेश से कम से कम 10 वर्ष अधिमान्य रहे हों। एक पत्रकार को प्रतिमाह 5 हजार रुपये तक श्रद्धा-निधि की पात्रता होगी।
इसी प्रकार अधिमान्य पत्रकार को बैंक में बचत-खाता खुलवाना होगा, जिससे उनके बैंक खाते में राशि जमा की जा सके। इसके लिये पत्रकार को आवश्यक प्रमाण-पत्र वर्ष में एक बार प्रस्तुत करना होगा, जिससे उनके बैंक खातों में प्रतिमाह श्रद्धा-निधि जमा की जा सके। अधिमान्य पत्रकार पर किसी प्रकार का कोई आपराधिक प्रकरण दर्ज नहीं होना चाहिये। श्रद्धा-निधि स्वीकृति के संबंध में एक उच्च-स्तरीय 5 सदस्यीय निर्णायक मण्डल का गठन होगा, जो प्राप्त आवेदनों का परीक्षण कर अपनी अनुशंसाएँ देगा। निर्णायक मण्डल की अनुशंसा शासन के लिये मान्य करना बंधनकारी नहीं होगा। श्रद्धा-निधि की पात्रता स्वीकृति के बाद किसी भी समय समाप्त की जा सकती है। यदि लाभार्थी का आचरण पत्रकारिता के मान्य सिद्धांतों, मानदण्डों के विपरीत पाया जाता है या उनके विरुद्ध कोई आपराधिक प्रकरण दर्ज होता है, तो पात्रता समाप्त की जा सकेगी। श्रद्धा-निधि स्वीकृति के 5 वर्ष पश्चात प्रकरणवार समीक्षा भी की जायेगी।
आवेदन का निर्धारित प्रारूप जनसंपर्क संचालनालय की वेबसाइट ूूूण्उचपदविण्वतह पर नवीन सूचनाओं में उपलब्ध है।
राधेश्याम मारू
समन्वयक
जिला पत्रकार एसोसिएशन.
रजि.नं. 01/09130/10
कार्यक्षैत्र-सम्पुर्ण म.प्र.के जिले
सम्पर्कसुत्र-09770027700